कैथल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुपम इस मोदी की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया है। इस मामले में एक विवाहिता की ओर से आरोपी पर लगाए आरोप सिद्ध नहीं हो पाए। विवाहिता ने जो आरोप लगाए थे, वह सही साबित नहीं हो पाए हैं। ऐसे में अदालत ने आरोपी को बरी किया है।
वर्ष 2022 की अप्रैल में एक विवाहिता ने राधा कृष्ण कॉलोनी निवासी युवक गोपाल पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। इन आरोपों में विवाहिता ने उसे शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाए परंतु विवाहिता पहले ही शादी-शुदा मिली और उसका कोई तलाक नहीं हुआ। उसके पास एक 11 साल का लड़का भी है। अदालत ने सबूतों में पाया कि विवाहिता ने आरोपी को फंसाने के लिए ऐसे आरोप लगाए जबकि यह आरोप दुष्कर्म की धारा के तहत अदालत में सिद्ध नहीं हो पाए। संवाद