सड़क हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। कैथल-जींद मार्ग पर सोमवार रात गांव देवबन के पास हुए हादसे में एक युवक समेत एक व्यक्ति की मौत हो गई। युवक अपने भाई और बहन के विवाह समारोह के लिए शादी के कार्ड बांटने जा रहा था। उसकी मौत से विवाह समारोह की खुशियां मातम में बदल गईं। पिछले सप्ताह भी अपने बेटे के विवाह के लिए सब्जी खरीदने जा रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
जानकारी के अनुसार गांव देवबन निवासी पवन कुमार (18) और उसके चाचा का लड़का सुभाष अपने बड़े भाई और बहन की 20 फरवरी को होने वाली शादी के लिए गांव कसान में अपने संबंधियों को निमंत्रण देने जा रहे हे थे। जींद रोड पर रबजाहे से निकलकर कसान निवासी कर्मबीर की बाइक के साथ उनकी बाइक की टक्कर हो गई।
पवन कुमार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कर्मबीर और सुभाष गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को कैथल के सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों ने कर्मबीर को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया जबकि सुभाष को करनाल रेफर किया। सोमवार देर रात पीजीआई रेफर हुए कसान निवासी कर्मबीर की मौत हो गई। तितरत थाना पुलिस ने देबन निवासी पवन कुमार के पिता जयपाल की शिकायत पर कसान निवासी कर्मबीर के खिलाफ केस दर्ज किया था।
सुभाष का चल रहा इलाज
तितरत थाना एसएचओ सतबीर सिंह ने बताया कि हादसा दोनों बाइक की आमने-सामने की टक्कर के कारण हुआ। हादसे में देवबन निवासी पवन कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाद में पीजीआई में इलाज के दौरान कसान निवासी कर्मबीर की भी मौत हो गई। पुलिस ने देवबन निवासी जयपाल की शिकायत पर कर्मबीर के खिलाफ केस दर्ज किया था लेकिन कर्मबीर की मौत हो गई है। सुभाष का करनाल में इलाज चल रहा है।
20 फरवरी को था शादी समारोह
हादसे में मारे गए पवन कुमार के बड़े भाई व बहन की शादी 20 फरवरी को थी जिसे लेकर पवन पास के गांव कसान में अपने संबंधियों को विवाह का निमंत्रण देने जा रहा था। बीच में हादसा होने से पवन की मौत हो गई ओर परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
नहीं रुक रहे हादसे
जिले में 15 दिन में सड़क हादसों में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमें दो मासूम बच्चों सहित आईटीआई के एक छात्र सहित युवक शामिल हैं। वहीं 40 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। सड़कों पर मौत के इस तांडव के लिए जहां यातायात में लापरवाही जिम्मेदार है वहीं निर्माणाधीन नेशनल हाईवे पर कई जगह पड़े गड्ढे भी जिम्मेदार हैं।
सड़क हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह जैसे कई कार्यक्रम चलाए हैं। लोगों को यातायात के नियमों की जानकारी दी जा रही है। वाहन चलाते समय नियमों की पालना की जाए तो हादसों से बचा जा सकता है।
रोहताश, एसएचओ ट्रैफिक, कैथल।