राजौंद क्षेत्र में गांव नरवल के पास कैंटर व गाड़ी की टक्कर में में अकाल मृत्यु का ग्रास बने बीएसएफ जवान आशीष, उसकी पत्नी सोनी और पांच वर्षीय बेटी अंशिका अपने गांव बिहार जिला मध्यपुरा के सुक्षण में छठ पूजा के कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए कुछ दिन पूर्व गए थे। बिहार से आशीष वापस अपनी ड्यूटी पर पंजाब जा रहा था तो राजौंद क्षेत्र में कैंटर से गाड़ी टकराने के कारण यह हादसा हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि कैंटर की टक्कर लगने से गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और कैंटर भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
फूफा से मिलने की चाहत ले आई थी कैथल
मृतक आशीष की पत्नी सोनी के फूफा डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि वह कैथल में प्योदा रोड पर रहता है। आशीष पिछले करीब आठ वर्ष से बीएसएफ में था। वैसे तो आशीष के माता पिता बिहार में ही रहते हैं, लेकिन उसके भाई व बहन दिल्ली में निजी कंपनियों में जॉब करते हैं। परिवार में माता पिता के अलावा एक भाई व एक बहन हैं। उनसे मिलने के लिए आशीष बिहार से दिल्ली आ गया था। अब दिल्ली से फिर ड्यूटी पर पंजाब जा रहा था। आशीष ने उन्हें कहा था कि वह कैथल उनसे मिलकर जाएगा। उन्हें कोई अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी घटना हो जाएगी।
पंजाब से आशीष को लेने के लिए आया था चालक :
गाड़ी चला रहा पंजाब निवासी उत्तम भी आशीष का जानकार था। जो पंजाब से गाड़ी लेकर आशीष व उसके परिवार को दिल्ली से लेने गया था। दुर्घटना में गाड़ी चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है।
नौकरी से ही चलता है परिवार का खर्च :
डॉ. राजेश ने बताया कि आशीष का परिवार उन दोनों भाईयों की नौकरी से ही चलता है। बहन भी शादीशुदा है और दिल्ली में रहने वाला उसका भाई भी शादीशुदा है। दोनों भाईयों के सहयोग से उनका छोटा परिवार पूरी तरह से सुखी था। राजाैंद थाना प्रभारी चंद्रभान ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों के ब्यान दर्ज किए जाएंगे उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।