शनिवार सुबह शहर के पिहोवा रोड पर ट्रक में फंसी बिजली की तारों के कारण दो खंभे गिर गए। जिसकी चपेट में आने से मूंगफली की रेहड़ी लगा रहे एक दिव्यांग की मौत हो गई। सुबह का समय होने के कारण बाजार में भीड़ कम थी, जिस कारण अन्य लोग इसकी चपेट में नहीं आए। लोगों ने बिजली विभाग सहित पुलिस के प्रति रोष भी प्रकट किया।
वार्ड नंबर चार का दिव्यांग 25 वर्षीय भगवान दास अपनी मां के साथ पिहोवा रोड बस अड्डे पर मूंगफली की रेहड़ी लगाकर अपना गुजर बसर कर रहा था। शनिवार सुबह वह अपनी फड़ी जमाने के लिए मां से पहले ही घर से निकल आया। भगवान दास ने अभी अपनी मूंगफलियां डालने के लिए बोरी बिछानी शुरू ही की थी कि सड़क के ऊपर से गुजर रही बिजली की तारें शिखर तक भरे एक ट्रक में फंस गई। ट्रक के जोरदार झटके से बिजली की तारें टूट गई और अपने साथ ही दो बिजली के खंभों को भी तोड़ दिया।
अचानक टूटे इन खंभों में से एक खंभा दिव्यांग भगवानदास के ऊपर आ गिरा और वह बुरी तरह से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे खंभे के नीचे से निकाला और उसे महावीर दल अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। चीका पुलिस ने इस मामले में हादसे में हुई मौत की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
घटना स्थल पर खड़ी थी सवारियों से भरी बस
जिस जगह पर बिजली की तारें व खंभे टूट कर गिरे ऐन उसके नीचे पिहोवा जानी वाली एक बस सवारियों से भरकर खड़ी थी। ऐसे में यदि बस के अंदर करंट दौड़ जाता तो ना जाने कितनी जानों का नुकसान होता।
लोगों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि इस हादसे के लिए सीधे-सीधे तौर पर बिजली विभाग व पुलिस जिम्मेवार है। लोगों ने बताया कि हादसे वाली जगह पर पिछले कई दिनों से बिजली तारें ढीली थी। इसमें किसी भी वाहन के फंसने का खतरा अकसर बना रहता था। लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर के बीच से अकसर ओवर लोड व अपनी ऊंचाई से कहीं ऊपर तक भरे हुए ट्रक धड़ल्ले से गुजरते हैं। ऐसे वाहन चालकों से पुलिस कर्मचारी पैसे ऐंठते हैं और उन्हें बिना किसी प्रकार की रोक टोक के जाने देते हैं जोकि हादसों का कारण बनते हैं। लोगों ने सरकार से मांग की है कि शहर के अंदर से गुजरने वाले ओवर लोड ट्रकों पर रोक जाए।