संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। नगरपालिका चीका में भ्रष्टाचार के आरोपों की शिकायत के बाद शुक्रवार को स्टेट एसीबी की तीन सदस्यीय टीम एसडीओ ध्रुव कुमार के नेतृत्व में चीका पहुंची। टीम ने सबसे पहले नगरपालिका के रिकॉर्ड का निरीक्षण किया और कुछ दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। जांच के दौरान शहर के चार पार्षदों ने एसीबी टीम के समक्ष अपने बयान दर्ज करवाए।
टीम ने मौके पर जाकर उन स्थानों का निरीक्षण किया, जहां विकास कार्यों में भ्रष्टाचार होने की शिकायतें मिली थीं, और निर्माण सामग्री के सैंपल भी लिए। सैंपल लेने की कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद पूर्व पार्षद तीर्थ राम, सिंगारा सिंह, मियां राम, बलवान आदि ने आरोप लगाया कि उनके वार्डों में कई बार बिल पास करवा दिए गए लेकिन गलियां आज तक नहीं बनीं।
जांच में लगभग दो सौ फीट लंबी एक गली का मामला भी सामने आया, जिसके बिल पास करवा लिए गए थे लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रह गया। वार्ड नंबर-2 के पार्षद दलबीर सीड़ा ने बताया कि पिछले तीन सालों में नगरपालिका चीका में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ। लाखों खर्च होने के बावजूद धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।
दलबीर सीड़ा ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 2 टिल्ला प्लाट में गलियों की मरम्मत के लिए 29 लाख रुपये के टेंडर लगाए गए, लेकिन कोई गली नहीं बनी। इसी तरह, वार्ड-3 व 12 में खर्च हुआ पर काम नहीं। उन्होंने बताया कि वार्ड-1 बलबेहड़ा रोड पर सीवरेज निर्माण में भी भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि चेयरपर्सन ने 35 ए रजिस्टर नगरपालिका में जमा न करवाकर अपने पास रखा, जबकि सचिव ने उन्हें रजिस्टर जमा करने के लिए पत्र लिखा था। दलबीर सीड़ा ने कहा कि एसीबी की जांच के बाद चीका नगरपालिका में भ्रष्टाचार करने वालों के चेहरे अवश्य बेनकाब होंगे।