संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला परिषद में हुए सफाई घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम शेष सात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। इसके तहत टीम ने कुरुक्षेत्र और जींद में दबिश दी है।
गौरतलब है एसीबी की टीम ने तीन दिन पहले ही आठवें आरोपी रोहताश ठेकेदार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। बता दें कि इस मामले में कुल 15 आरोपी हैं। इसमें से अब तक आठ आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन अभी भी सात आरोपी एसीबी की गिरफ्तार से बाहर हैं।
यह है पूरा मामला : वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव की घोषणा से पहले आचार संहिता से पहले ही कोरोना महामारी से बचाव के लिए सरकार ने स्वच्छता अभियान के तहत गांवों में सफाई के लिए 10 करोड़ रुपये की ग्रांट दी थी।
इस ग्रांट में से महज तीन करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई थी। जबकि अन्य सात करोड़ रुपये की राशि को ठेकेदारों की फर्म में डलवा आरोपियों ने उसे अपने खाते में डलवा लिए थे। इसके बाद एसीबी ने कुछ राजनेताओं व जिला पार्षदों की ओर से उठाए गए मुद्दे पर जांच शुरू की थी। अब जांच पूरी होने के बाद एसीबी ने बड़ी कार्रवाई की है।
इस मामले में अब तक कैथल में पंचायती राज के एसडीओ रहे रोहतक के एक्सईएन नवीन, कैथल में पंचायती राज के जेई जसबीर सिंह, अकाउंटेंट कुलवंत के साथ पंचायती राज के ठेकेदार गांव फरियाबाद निवासी दिलबाग सिंह, गांव फतेहपुर निवासी अभय संधू, ठेकेदार राजेश, पूंडरी निवासी अनिल व कैथल निवासी रोहताश को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक जेई जयवीर और साहिल व ठेकेदार भाजपा नेता प्रवीन सरदाना, कमल, तिलक राज व सुमित सहित एक अन्य आरोपी फरार हैं।