आयुष्मान योजना में अभी तक जहां सभी पात्रों के लिए गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं, वहीं पुराने कार्डों में अपने परिजनों के लिए नाम जुड़वाने के लिए लोग अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। सरकारी अस्पताल को छोड़कर 5 प्राइवेट अस्पतालों को अभी तक पैनल में लिया गया है। 7 अस्पताल अभी लाइन में हैं। जिनका निरीक्षण होने के बाद पैनल पर लेने या ना लेने बारे फैसला लिया जाएगा। उधर, जिन बीमारियों के पैकेज प्राइवेट अस्पताल में अधिकृत नहीं हैं, उनके इलाज के लिए मरीज भटकने को मजबूर हैं।
गांव भानपुरा निवासी अजमेर ने बताया कि उसका आयुष्मान योजना के तहत कार्ड भी बना हुआ है। इसके बावजूद उसकी बेटी का सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं हुआ। उसकी बेटी के पेट में दर्द था। स्कूल के मास्टर ने बुलाकर उन्हें जानकारी दी। इसके बाद वह उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। जहां कमरा नंबर 206 में इलाज करने से इंकार कर दिया गया और उसे इमरजेंसी भेज दिया गया। उसके बाद किसी ने उसकी बेटी की सुध नहीं ली। उसकी बेटी दर्द से कराहती रही। तीन घंटे तक जब उसकी सुनवाई नहीं हुई तो किसी ने उसे प्राइवेट अस्पताल ले जाने की बात कही। प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि समय पर देखभाल न होने के कारण उसकी बेटी को हर्निया की शिकायत है। उसका ऑपरेशन करवाना पड़ेगा। उसने लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की है। उसने कहा कि आयुष्मान कार्ड में उसकी बेटी का नाम सोनिया की बजाए सलोनी लिखा हुआ है। जिस कारण वह परेशान है।
कार्ड में दर्ज करवाना है पत्नी का नाम, नहीं हो रही सुनवाई : हाबड़ी निवासी सतबीर ने बताया कि वह जिला अस्पताल के चक्कर लगाकर थक चुका है। उसकी पत्नी का नाम गोल्डन कार्ड में जुड़वाना था। उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
सिग्रस में हुआ डेढ़ करोड़ रुपये का इलाज : उधर एक साल में पूरे जिले में करीब 2 करोड़ रुपये इलाज के लिए सरकार की ओर से लोगों के लिए अस्पतालों को दिए गए हैं। जिसमें करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का इलाज अकेले सिग्रस अस्पताल द्वारा किया गया है। शाह अस्पताल में करीब 25 लाख रुपये, जयपुर अस्पताल में करीब 8 लाख, गणपति में महज 30 हजार व जयप्रकाश में करीब 2 से 3 लाख रुपये का लोगों के इलाज के लिए सरकार ने भुगतान किया है।
अभी तक ये पैकेज हैं 5 प्राइवेट अस्पतालों में ईलाज के लिए : सिग्रस अस्पताल में सामान्य सर्जरी-एस1 व आंख, नाक कान व गला, हड्डी संबंधी, छाती संबंधी रोग, जनरल मेडिसिन, प्रसव संबंधी, न्यूरोसर्जन, इमरजेंसी, हृदय संबंधी, नसों के सिस्टम संबंधी। शाह अस्पताल में हड्डियों संबंधी, सामान्य सर्जरी, सामान्य मेडिसिन व न्यूरो सर्जरी पैकेज। जयप्रकाश अस्पताल में आंख, नाक, कान व गला। जयपुर अस्पताल में गायिनी, हड्डियों सहित कुल 4 पैकेज। गणपति अस्पताल में सामान्य सर्जरी के पैकेज दिए गए हैं। जिला अस्पताल में करीब 146 प्रकार की बीमारियों के पैकेज रिजर्व हैं। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर केवल आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की सुविधा है।
ये अस्पताल हैं अभी लाइन में: गर्ग आई हॉस्पिटल, गुप्ता आई हॉस्पिटल, मित्तल सर्जिकल, जैन अस्पताल, कीर्ति अस्पताल, जीवन ज्योति व कंसल अस्पताल के आवेदन विभाग के पास लंबित हैं।