कैथल। चेक बाउंस के लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 21 नवंबर को कैथल और गुहला में विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कैथल की अध्यक्षा एवं जिला व सत्र न्यायाधीश कंचन माही की देखरेख में यह आयोजन होगा। लोक अदालत जिला न्यायालय परिसर कैथल और उपमंडलीय न्यायालय गुहला में लगेगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार ने बताया कि विशेष लोक अदालत में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत लंबित चेक बाउंस मामलों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा किया जाएगा। इसका उद्देश्य संबंधित मामलों को सरल और शीघ्र प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाना है।
आपसी समझौते से बचेगा समय और पैसा
सीजेएम कंवल कुमार ने संबंधित पक्षकारों, अधिवक्ताओं और बैंक प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में विशेष लोक अदालत का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से मामलों का निपटारा होने पर पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है और उनके बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
लोक अदालत का फैसला अंतिम, सामान्य अपील का प्रावधान नहीं
कंवल कुमार ने बताया कि लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर पारित निर्णय अंतिम होता है और उसके विरुद्ध सामान्य अपील का प्रावधान नहीं है। इसके अतिरिक्त यदि न्यायालय शुल्क जमा किया गया हो तो नियमानुसार उसकी वापसी का भी प्रावधान है। उन्होंने संबंधित पक्षकारों से अपील की कि वे अपने लंबित चेक बाउंस मामलों के समाधान के लिए विशेष लोक अदालत में भाग लेकर इस सुविधा का लाभ उठाएं।