संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। पुत्रदा एकादशी के अवसर पर मंगलवार को नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा की शुरुआत पंडित संजय शास्त्री के नेतृत्व में श्री कपिल मुनि मंदिर से हुई, जो नगर की परिक्रमा करते हुए पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई। भारी उमस के बावजूद
श्रद्धालु विशेषकर महिलाएं पूरे रास्ते भजनों पर झूमती रहीं।
मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान कपिल की पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारी अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान कपिल ने अपनी माता देवहूति को सांख्य दर्शन का ज्ञान देकर सन्यास ग्रहण किया था।
हर वर्ष यह शोभायात्रा श्री कपिल मुनि मंदिर समिति द्वारा आयोजित की जाती है, जिसमें कलायत ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु भाग लेते हैं। गौतम ने बताया कि वर्ष भर में प्रत्येक माह दो एकादशी तिथियां आती हैं—एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। श्रावण और पौष माह की शुक्ल पक्ष एकादशी को ‘’पुत्रदा एकादशी’’ कहा जाता है, जिसे पवित्रोपना या पवित्रा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
पुत्रदा एकादशी को लेकर धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि इस व्रत के प्रभाव से वायपेयी यज्ञ के बराबर फल की प्राप्ति होती है। द्वापर युग के प्रारंभ में महिष्मति नगरी के राजा महीजित को संतान सुख नहीं था। तब लोमष ऋषि के निर्देश पर उन्होंने पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा, जिससे उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई।
इस पावन अवसर पर नगर यात्रा में पं. संजय शास्त्री, अनिरुद्ध गौतम, बंसीधर शर्मा, सुभाष वशिष्ठ, जगदीश रायका, निशु सिंगला, रामवती सहित महिला मंडल की अनेक सदस्याएं उपस्थित रहीं।