संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। श्री गीता भवन मंदिर के प्रांगण में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन हुआ। संत-महात्माओं के सान्निध्य में अमरजीत छाबड़ा ने परिजनों व श्रद्धालुओं के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण को सिर पर धारण कर सनातन धर्म मंदिर से गीता भवन मंदिर तक शोभायात्रा निकाली।
इसमें मुख्य यजमान के रूप में हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने शिरकत की। छाबड़ा ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल कथा अथवा धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव जीवन का मार्गदर्शन करने वाला दिव्य प्रकाश है। भागवत हमें यह समझाती है कि मनुष्य का जीवन केवल भौतिक सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य आत्मिक उन्नति, परमार्थ, सेवा, सदाचार और प्रभु की भक्ति में निहित है।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य को अपने जीवन के कर्मों पर चिंतन करने, सही और गलत के बीच अंतर समझने और अपने जीवन को धर्म व सद्मार्ग पर आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। जब मनुष्य संतों के सान्निध्य में बैठकर उनके वचनों को आत्मसात करता है, तो उसके भीतर सकारात्मक विचारों का संचार होता है और जीवन की दिशा अधिक सार्थक एवं निर्मल बनती है।
उन्होंने कहा कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में मन की शांति और आत्मिक संतुष्टि के लिए ऐसे धार्मिक व आध्यात्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का समापन रविवार को होगा। कुरुक्षेत्र अक्षरधाम मंदिर के संत पूज्य ज्ञान मंगलदास स्वामी के मुखारविंद से अमृत प्रवचनों की वर्षा करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण को सनातन संस्कृति में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अनुपम ग्रंथ माना गया है।