निजी स्कूलों में पढ़ 4 हजार बच्चों के दाखिले पर संकट के बादल
निजी स्कूल वेल्फेयर एसोसिएशन ने बैठक करके किया ऐलान
सरकार ने बच्चों को पढ़ाने की एवज में रिंबरसमेंट नहीं दिया तो दाखिले होंगे रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। निजी स्कूलों में पढ़ रहे करीब 4 हजार बच्चों के दाखिले पर संकट है। निजी स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने एलान किया है कि सरकार ने इन बच्चों को पढ़ाने की एवज में रिंबर्समेंट देने का जो एलान किया था, यदि वह नहीं दिया गया तो इन बच्चों के दाखिले रद्द कर दिए जाएंगे। इस संबंध में निजी स्कूल संचालक एसोसिएशन की मीटिंग जिला प्रधान राजेश मुंजाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। मीटिंग में फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष व निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने शिरकत की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के सभी निजी स्कूल संचालक एकमत से नियम 134-ए के दाखिलों के विरोध में उतर आए हैं। स्कूल संचालकों ने स्पष्ट किया कि पहले सरकार पिछले सत्र में दाखिला प्राप्त विद्यार्थियों की फीस की भुगतान करें। ऐसा न होने पर आगामी सत्र में शिक्षा विभाग की सूची के अनुसार नए विद्यार्थियों को अपने स्कूलों में दाखिला नहीं देंगे। सरकार को चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने फीस स्कूल संचालकों को जमा नहीं करवाई तो वे नए सत्र में इन बच्चों का दाखिला रद्द कर देंगे और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने ने कहा कि पिछले तीन सालों से यह फीस लंबित है। जिस कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रधान राजेश मुंजाल ने कहा कि शिक्षा विभाग रिंबर्समेंट के लिए आवेदन मांग रहा है। जबकि स्कूल संचालकों ने पिछले तीन वर्षों में 30 से अधिक बार विभाग को आवेदन दिया है। लेकिन उसके बावजूद भी विभाग मौन है और डीईओ से कई बार आश्वासन मिलने पर भी अभी तक कोई पैसा नहीं मिल पाया है। वहीं उपप्रधान नारता राम ने कहा कि उन्हें विभाग से पिछले तीन वर्षों से उम्मीद है कि सरकार उन्हें रिंबर्समेंट का रुपया देगी। उनका 134 ए के तहत स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों पर खर्चा भी अधिक हो रहा है। लेकिन क्लेम तीन वर्षों से मिला ही नहीं है।
कुलभूषण शर्मा ने डीईओ से निजी स्कूलों की मान्यता पर दिए जाने वाले बयान की निंदा भी की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों को एक अधिकारी की गैर जिम्मेदाराना काम करने जैसा है। स्कूल संचालकों को तो तीन साल से रुपये अटके हैं और विभाग दुष्प्रचार कर रहा है। जिससे अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने सरकार को सीधी चेतावनी दी कि यदि शिक्षा विभाग की ओर से रिंबर्समेंट का रुपया नहीं दिया तो वे निजी स्कूलों में 134 ए के तहत पढ़ रहे बच्चों के दाखिले को रद्द कर देंगे और अगले सेशन में कोई भी नया दाखिला नहीं देंगे। इसके साथ ही सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। बैठक में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के महासचिव हरपाल आर्य, राज्य सचिव वरुण जैन, पूर्व प्रधान बलिंद्र संधू, कैशियर जगजीत माजरा, मीडिया प्रभारी आयुष गर्ग, ब्लाक प्रधान विकास धीमान, संजीव शर्मा, जोगिंद्र ढुल, कुलदीप पुनियां, गुलशन अन्य मौजूद रहे।
इस संबंध में मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही का कहना है कि विभाग को डिमांड भेज दी है। जैसे ही विभाग से आदेश आएंगे, उसी अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी। अभिभावक दाखिले रद्द होने जैसी सूचना से भयभीत न हों। विभाग को ऐसी कोई सूचना एसोसिएशन ने नहीं दी है।
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