नगर पालिका में सफाई कर्मचारी की नौकरी के लिए रिश्वत लेने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद की ओर से दो दिन पूर्व शुरू की गई रात्रि सफाई सेवा का विरोध होना शुरू हो गया है। दरअसल नगर परिषद से करीब छह माह पहले हटाए गए अनुबंध पर लगे 140 सफाई कर्मचारियों को नगर पालिका ने एडजस्ट करने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब नई भर्ती निकलने के बाद रात्रि सफाई सेवा के लिए नए 46 कर्मचारियों को काम पर रखा जा रहा है। जिसका छह माह पहले हटा दिए गए कर्मचारियों ने विरोध किया, उन्होंने परिषद कार्यालय में शुक्रवार को जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने प्रशासन के आला अधिकारियों पर अपने चहेते लोगों को नियुक्त करने का आरोप लगाया है। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि नए कर्मचारियों से 20 से 30 हजार रुपये की वसूली भी की जा रही है। नियमित सफाई कर्मचारी भी विरोध कर रहे इन कर्मचारियों के समर्थन में आ गए हैं। माना जा रहा है कि वो शनिवार से हड़ताल पर जा सकते हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा सकती है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामशरण, उपप्रधान राजेंद्र टांक, सेकेटरी देवराज व कैशियर जगदीश ने बताया कि टेंडर खत्म होने पर परिषद की ओर से 6 माह पहले 140 कर्मचारी हटाए थे। इन सभी को अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि जब भी नए कर्मचारी भर्ती की जाएगी, पुराने कर्मचारियों को एडजस्ट किया जाएगा। लेकिन अब उनसे अलग नए कर्मचारी भर्ती किए जा रहे हैं। जो पूर्व में हटाए गए कर्मचारियों के साथ अन्याय है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार ने 20 से 30 हजार रुपये लेकर नए सफाई कर्मचारियों भर्ती की है। जो कर्मचारी रुपये देने में असमर्थ हैं उन्हें मना किया गया। जो सफाई कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
सफाई कर्मचारी नेता रामशरण ने कहा कि यदि परिषद अधिकारियों ने कर्मचारियों की बात नहीं सुनीं तो सभी नियमित कर्मचारी शनिवार को शहर में हड़ताल पर जा सकते हैं। नगर परिषद में कुल 390 कर्मचारी कार्यरत हैं। जिसमें से 225 नियमित हैं। 165 कर्मचारी अनियमित हैं। हड़ताल में सभी कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।
नप ने रात्रि सफाई के लिए दिया है 84.50 लाख रुपये का टेंडर
नगर पालिका की ओर से दो दिन पूर्व ही नाइट स्वीपिंग शुरू की गई है। इसमें एक साल के लिए 84.50 लाख रुपये का टेंडर छोड़ा गया है। जो रात के समय चार घंटे विभिन्न मुख्य मार्गाें पर सफाई करेंगे।
कर्मचारियों को नहीं मिली नौकरी इसलिए लगा रहे बतुके आरोप
नाइट स्वीपिंग ठेकेदार राकेश कुमार ने कहा कि उन्हें नया टेंडर मिला है। सफाई कर्मचारी उनके ऊपर रिश्वतखोरी का आरोप केवल इसलिए लगा रहे है कि उन 140 कर्मचारियों को इसमें नहीं लगाया गया जो नप ने कुछ समय पहले हटा दिए थे। सफाई कर्मचारियों द्वारा उन्हें एडजस्ट करने के बात के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उसके बारे में केवल अधिकारी ही कुछ कह सकते है।
ईओ अशोक हुरिया ने कहा कि रात की सफाई के लिए जो ठेका है, यह अन्य सफाई कार्यों से अलग है। यह केवल प्रमुख मार्गों के लिए है। इनका 140 हटाए गए कर्मचारियों से कोई संबंध नहीं हैं। 140 कर्मचारियों को रखने के लिए सरकार को डिमांड भेज रखी है। यह कार्य अलग एजेंसी को दिया गया था। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, उन्हें रख लिया जाएगा। जबकि रात्रि सफाई के लिए नए ढंग से टेंडर छोड़ा गया है। कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने की जरूरत नहीं है। उनकी मांग शीघ्र पूरी होने की उम्मीद है।