जिस कांग्रेसी ने मां को धोखा दिया, वे कभी सत्ता में नहीं लौटे
- जींद उप-चुनाव में हार पर कांग्रेस के भीतरघात पर बोले रणदीप सुरजेवाला
- कहा- 14 साल तक संघर्ष करके नहीं टूटेे थे हौसले, अब पार्टी के आदेश पर लड़े चुनाव में हार से कमजोरी की बजाए मिली है मजबूती
- कैथल, जींद, कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, यमुनानगर में कांग्रेस पार्टी की जीत का विजन पेश किया, उप-चुनाव में हार के बाद ली कार्यकर्ताओं की बैठक
फोटो संख्या-13 व 26
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जींद उप-चुनाव में हार के दो दिन बाद ही कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने पवन वाटिका में अपने समर्थक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और हरियाणा में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाने के लिए रोड मैप कार्यकर्ताओं को बताया। सुरजेवाला ने जींद उप-चुनाव में भीतरघात करने वाले नेताओं पर निशाना साधा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल का नाम लिए बिना 1993 के उप-चुनाव का उदाहरण देकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि जींद उप-चुनाव में जिन लोगों ने पार्टी रूपी अपनी मां के साथ गद्दारी की है, वे कभी सत्ता में नहीं आएंगे।
सुरजेवाला ने कहा कि जींद उप-चुनाव में एक लड़ाई जरूर हारे हैं, लेकिन जंग नहीं हारे। इस हार के कई कारण रहे हैं। जिसकी समीक्षा पार्टी द्वारा की जा रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कुछ लोमड़ियां मैदान में आई हैं। लेकिन लोमड़ियां कभी शेर का शिकार नहीं कर पाई। उन्हें पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने आदेश दिया तो वे पूरी शिद्दत के साथ चुनाव लड़े। लेकिन जिन लोगों ने कांग्रेस रूपी पेड़ को काटने का काम किया, उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सुरजेवाला ने पूर्व सीएम भजन लाल का नाम लिए बिना कहा कि वर्ष 1993 में नरवाना में हुए उप-चुनाव में कांग्रेस पार्टी नामक पेड़ की जड़ काटने का काम करने वाले नेता दुनिया छोड़कर कर चले गए, लेकिन वे कभी सत्ता में नहीं आए और न ही संगठन में कोई बड़ा पद हासिल कर पाए। जींद भाजपा सरकार के कार्यकाल में 40 साल पीछे चला गया है। उन्होंने कहा था कि वे जींद की माटी का कर्ज उतारने के लिए आए हैं, लेकिन जींद के लोगों ने भाजपा उम्मीदवार को चुना। इसके बावजूद वे हर 15 दिन में जींद में जाकर वहां के 23 हजार कांग्रेस का समर्थन करने वाले लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।
उन्होंने कहा कि जींद उप-चुनाव के बाद जिस प्रकार से 1993 में एक नई कांग्रेस का गठन किया गया था। उसी तर्ज पर अब एक नई कांग्रेस का गठन करना होगा। जिसमें कैथल विधानसभा से शुरुआत करके, कैथल की 3 अन्य विधानसभा सीटों, जींद की 5 की 5 नहीं तो 4 तो कम से कम, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, करनाल की 22 से 25 सभी सीटों को जीतकर कांग्रेस की झोली में डालेंगे और कांग्रेस की सरकार के लिए पूरे प्रदेश में जीत हासिल करने वाले योग्य उम्मीदवारों की मदद की जाएगी। सुरजेवाला ने भाजपा व चौटाला परिवार पर जात-पात, धर्म विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया और विकास व तरक्की से जवाब देने की बात कही। सुरजेवाला ने कहा कि बजट में सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। महज 17 रुपये प्रति किसान देकर किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी सत्ता का अहंकार है। लेकिन कांग्रेस पार्टी आने वाले चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी। उनके साथ पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सुल्तान सिंह जड़ौला, पूर्व विधायक फूल सिंह खेड़ी, सुदीप सुरजेवाला, कांग्रेसी नेता सज्जन सिंह ढुल, सतबीर भाणा, पूर्व चेयरमैन रामनिवास मित्तल, सुशील शर्मा, राजेश जागलान सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।