छात्राओं का स्वास्थ्य धीरे-धीरे हो रहा दुरुस्त, बढने लगी छात्र संख्या
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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अचानक बच्चों के बीमार होने पर शिक्षा विभाग नजर रखे हुए है। अधिकारियों की टीम द्वारा समय-समय पर स्कूल का निरीक्षण किया जा रहा है। चिकित्सकों की टीम भी स्कूल पहुंच बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। शुक्रवार को जिला मलेरिया अधिकारी डा नीरज मंगला, स्कूल हैल्थ चिकित्सक डा मनोज व नृसग सिस्टर संगीता कपूर के साथ स्कूल में पहुंचे जहां उन्होंने बच्चों से बातचीत की। स्कूल परिसर को देख डा.मंगला संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार परिसर में घास फैली हुई है उससे बीमारी फैलाने की अधिक आंशका बनी होती है। उन्होंने बताया कि स्कूल जैसे संस्थानों में इस प्रकार घास का होना किसी भी सूरत में सही नहीं है। उन्होंने बताया कि बच्चों में जिस प्रकार खुजली की शिकायत देखने को मिल रही है उसका कारण न केवल नमी हो सकती है बल्कि घास भी इसका कारण बन सकती है। स्कूल में फैली घास के बारे में पूरा संज्ञान लिया जाएगा जिसके चलते जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिख स्कूल परिसर से घास पूरी तरह साफ करवाने बारे कहा जाएगा। स्कूल इंचार्ज मैडम भारती ने बताया कि परिसर में खड़ी व बढने वाली घास पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर दवा का छिड़काव भी किया जाता है मगर घास कम तो हो जाती है पर समाप्त नहीं होती। उन्होंने बताया कि इस बारे में विभागीय अधिकारियों को भी पत्र प्रेषित किया हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए जाएंगे विशेष शिविर:-
जिला मलेरिया अधिकारी डा.नीरज मंगला ने बताया कि स्कूल में बेटियों के बीमार होने की सूचना मिलने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल में पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार लगातार स्कूल पर निगाह रखी जा रही है वहीं समय-समय पर स्कूल में विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे जिसके चलते जहां स्कूल हैल्थ चिकित्सक डा.मुकेश द्वारा कृमिनाशक गोलियां बच्चों को खिलाई जाएगी वहीं बच्चों की आंखों का चैक अप करने के लिए भी विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा।