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राशन बांटने में गड़बड़ी के दोषी डिपो होल्डर को बहाल करने पर विवाद

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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। चीका में एक डिपो होल्डर को राशन वितरण में गड़बड़ी करने का दोषी पाए जाने पर सस्पेंड करने के बाद बहाल किए जाने पर वीरवार को डीसी कार्यालय में गांव चीका से आए लोगों ने रोष जताया। डीसी के सामने विधायक कुलवंत बाजीगर के दबाव में होने का आरोप लगाते हुए लोगों ने सवाल किया कि क्यों एक दोषी करार दिए जा चुके डिपो होल्डर को बार-बार बहाल किया जा रहा है। क्यों नहीं उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। जवाब में डीसी ने कहा कि वे किसी के दबाव में नहीं हैं। आपको अपनी हद में रहना चाहिए। लोग यहीं नहीं रुके, डिपो होल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर डीसी कार्यालय में पड़ी कुर्सियों व खाली पड़ी जगह में अड़ कर बैठ गए। बाद में डीसी ने डीाएफएससी को बुलाया और पूरे मामले की जानकार हासिल कर डिपो होल्डर को फिर से सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद लोग लौटे।
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मामले के अनुसार, चीका में एक डिपो होल्डर जनरैल सिंह को सीएम विंडो में दी गई शिकायत की तीन बार हुई जांच में दोषी करार दिया जा चुका था। उसे एक बार डीसी ने सस्पेंड कर दिया। बाद में बिना किसी कार्रवाई के फिर से बहाल कर दिया गया। इससे गुस्साए वार्ड नंबर 17 के निवासी डीसी सुनीता वर्मा से मिलने पहुंचे। पार्षद बलकार बिल्लू, बलराज, जयराम, जगबीर, बिंद्र, महिंद्र, पाला राम, बलवान, जगजीत, सोनू, सतीश जांगड़ा, आप पार्टी के संगठन मंत्री सुखबीर सिंह, आप के आईटी सेल के जिला नेता सोनू कंबोज, आप के सोशल मीडिया जिला प्रभारी जगजीत सिंह, लोकसभा प्रभारी प्रशांत जयसवाल ने कहा कि सीएम विंडो पर शिकायत के बाद बताया कि चीका के डिपो होल्डर पर सीएम विंडो में दोषी पाए जाने पर एक बार सस्पेंड कर दिया। लेकिन बिना किसी बड़ी कार्रवाई के उसे बहाल कर दिया। जबकि उसके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए था। यह मामला पिछले चार साल से चल रहा है। लोगों ने डीसी से सीधा सवाल किया कि आपको मुख्यमंत्री के आदेश मानते हुए डिपो को रद्द करके व डिपो धारक पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। उन आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया? इस पर डीसी ने कहा कि एसडीएम की जांच में विभाग के अधिकारियों ने जांच प्रभावित की। इससे वह बहाल हुआ। इस दौरान डीसी से लोगों की नोक-झोंक हुई। डीसी ने लोगों से अपील की कि वे अधिकारी के तौर पर सम्मान करें। डीसी ने लोगों से कहा कि डीएफएससी को बुलाया है। आप बाहर बैठ जाइए। इस पर लोग बोले नहीं..हम जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, कार्यालय से बाहर नहीं जाएंगे। इसके बाद वे डीसी के सामने कुर्सियों पर बैठ गए। डीसी दूसरे काम निपटातीं रहीं। बाद में डीएफएससी पहुंचे। डीसी ने पूरी बात सुनकर डिपो होल्डर का लाइसेंस फिर से सस्पेंड करने, इस पूरे मामले की जांच कर दोबारा बहाली में भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के डीएफएसी को निर्देश देने के बाद ही लोग शांत हुए।
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डीएफएससी नीरज कुमार ने कहा कि उन्होंने पुलिस को एफआईआर के लिए लिखा है। लेकिन बीच में डिपो होल्डर की बहाली होने के चलते एफआईआर नहीं हो पाई।


फोटो संख्या-37 व 38

दोषी डिपो होल्डर को बहाल करने पर भड़के लोग, डीसी से कहा, आप विधायक के दबाव में हैं, डीसी बोलीं-हद में रहिए
राशन बांटने में गड़बड़ी के दोषी डिपो होल्डर को सस्पेंड करने के बाद फिर बहाल करने पर विवाद
लोगों ने कहा-हम जनता हैं, अपनी बात मनवाकर ही जाएंगे, बाद में डीसी ने फिर से किया डिपो होल्डर को सस्पेंड
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