धरोहरों को संभालने के लिए जागा विभाग, गिरे गुंबदो की मुरम्मत कार्य करवाया शुरु
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। लगातार गिर रहे संरक्षित स्मारकों की संभाल के लिए पुरातत्व विभाग जाग गया है। करीब छह महीने के बाद पुरातत्व विभाग ने मंदिर के गिरे गुंबद को ठीक करने का कार्य शुरू करवा दिया है। संरक्षित मंदिर के गुंबद के गिरने की कगार पर पहुंचने का समाचार को अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा था। उसके बाद भी पुरातत्व विभाग व प्रशासन का ध्यान उस और नही गया। गौरतलब है कि स्मारक बिना संभाल के गिरने के कगार पर पहुंच गए है। कपिल सरोवर के किनारे पर स्थित इन शिव मंदिरों की संभाल में कोताही होने के कारण इनके शीर्ष क्षतिग्रस्त हो गए है। संभाल न होने के कारण गौरवपूर्ण अतीत का एक यादगार अहसास धूल धूसरित हो सकता है। अद्भुत एवं विलक्षण मंदिर की जर्जर हुई स्थिति से स्थानीय व दूर दराज से दर्शन को आने श्रद्धालुओं में हालात के प्रति रोष व दुख व्याप्त है। एडवोकेट राजेंद्र कुमार, नरेश वर्मा, राधेश्याम भट्ट, सतीश राणा, बीरभान निर्मल, राजीव शर्मा, जगदीश रायका, रमेश बैरागी, कुंवर रविंद्र सूर्यवंशी, जसवंत भगत आदि का कहना है कि पुरातत्व विभाग ने जब से मंदिर को संरक्षित किया है तब से ही मंदिर के रख रखाव में भारी कमी देखने को मिल रही है।
संभाल न होने से गिरा था प्राचीन शिव मंदिर का गुंबद:-
परिसर में ही बने छोटी र्इंटों के एक अन्य शिव मंदिर का गुंबद गिर कर क्षति ग्रस्त हो गया था। अमर उजाला ने गिरने की कगार व ध्वस्त हुए गुंबद को लेकर समाचार प्रकाशित किया था। नरेश वर्मा का कहना था कि मंदिर के आस पास अनेक मकान बने हैं तथा भारी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए आते हैं। गुंबद गिर जाने के समाचार के प्रकाशित होने के बावजूद भी विभाग हरकत में नही आया। प्रभु कृपा से गुंबद के गिरने से कोई भी जानी नुकसान नही हुआ।
पुरातत्व विभाग के अधीक्षक बंसत कुमार ने कहा कि ध्वस्त हुए मंदिर के गुंबद का कार्य शुरू करवा दिया है। पंचरथ शैली के ब्रिक टैंपल की मरम्मत का कार्य भी शीघ्र ही शुरू करवा दिया जाएगा।