अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
समान काम समान वेतन, खाली पदों को भरने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पुरानी पेंशन को लागू करने जैसी अन्य मांगों को लेकर जिले भर के करीब 2500 से अधिक कर्मचारियों, आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स, मिड डे मील वर्कर्स ने जेल भरो आंदोलन में भाग लिया और लघु सचिवालय पहुंच कर गिरफ्तार दी। प्रशासन ने कर्मचारियों को गिरफ्तार कर गांव पट्टी अफगान के खेल स्टेडियम में ले जाकर शाम तक रिहा कर दिया। इसके लिए 20 बसों का प्रबंध किया गया था। लघु सचिवालय में भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
कर्मचारी व परियोजना कर्मी सुबह जवाहर पार्क में एकत्रित हुए। यहां पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को संबोधित कर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का विरोध भी किया। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जसबीर सिंह, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी महासंघ के राज्य सचिव पहल सिंह तंवर, हरियाणा अध्यापक संघ के जिला प्रधान सतबीर गोयत व आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की राज्य महासचिव शकुंतला शर्मा ने की। जबकि मंच संचालन एसकेएस के उप प्रधान जरनैल सिंह ने किया। जवाहर पार्क में एकत्रित होने के बाद सभी विभागों के कर्मचारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। इसके बाद से यहां पर भी कर्मचारियों से सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुछ देर के बाद यहां पर कर्मचारियों ने विरोध में अपनी गिरफ्तारियां दी। जिस दौरान उन्हें बसों के माध्यम से पट्टी अफगान स्थित अस्थायी जेल में भेजा गया। जिसके बाद इनकी कागजी कार्रवाई को पूरा करके देर सांय बाद इन्हें रिहा कर दिया गया।
20 बसों में 2500 कर्मचारियों को पहुंचाया अस्थायी जेल : जेल भरो आंदोलन में कुल 20 बसों में करीब 2500 कर्मचारियों ने अपनी गिरफ्तारियां दी। इन बसों ने तीन बार पट्टी अफगान स्थित खेल स्टेडियम में कर्मचारियों को छोड़ा। इस बसों में 10 बसें हरियाणा राज्य परिवहन और अन्य 10 बसें पुलिस विभाग की शामिल रही।
कर्मचारियों से ज्यादा आशा और आंगनबाड़ी वर्करों की संख्या रही अधिक : जेल भरो आंदोलन के दौरान विभिन्न विभागों के कर्मचारियों से ज्यादा आशा, आंगनबाड़ी और मिड डे मिल वर्करों की संख्या अधिक रही। यहां पर परियोजना की सभी वर्कर सरकार पर बनाए गए गीतों और नारों के माध्यम से सीएम और पीएम को कोसती रही।
यह है प्रमुख मांगें : श्रम कानूनों में हुए बदलाव को निरस्त करने, श्रम कानून सख्ती से लागू करने, न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये लागू करने, प्रतिमाह 3 हजार रुपये पेंशन देने, समान काम समान वेतन देने, सरकारी विभागों का निजीकरण बंद करने, नौकरी से निकाले गए अस्थायी कर्मचारियों को बहाल करने, पुरानी पेंशन लागू करने जैसी अन्य मांगें शामिल है।
यह यूनियनें रही जेल भरो आंदोलन में शामिल : जेल भरो आंदोलन में सर्व कर्मचारी संघ, एटक, इंटक, एचएमस, सीटू, एआईयूटीसी, हरियाणा कर्मचारी महासंघ, हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच व हरियाणा बैंक इम्पलाइज फेडरेशन के तहत रोडवेज कर्मचारी संघ, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, मिड डे मिल वर्कर, ऑल हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन, हरियाणा अध्यापक संघ, वन विभाग कर्मचारी संघ, ऑल हरियाणा मैकेनिकल वर्कर यूनियन, ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ सहित अन्य कर्मचारी संगठन शामिल रहे।
यह रहे मौजूद : ईश्वर कुंडू, कृष्ण गुलियाणा, सत्यवान सिंह, अशोक शर्मा, जसपाल, विजय शर्मा, संतोष ब्राह्मणीवाला, सर्वजीत कौर, सरोज रोहेड़ा, बसाऊ राम, नरेश रोहेड़ा, शिवचरण, ओमपाल, बलवान कुंडू, सीता राम, रामनिवास, ईश्वर ढांडा आदि मौजूद रहे।
जेल भरो आंदोलन : जिले में 2500 कर्मचारियों, आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स व मिड डे मील कर्मियों ने दी गिरफ्तारी
सात केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के 15 से अधिक विभागों के कर्मचारी हुए आंदोलन में शामिल
आंदोलन के लिए 20 से अधिक बसों में कर्मचारियों को पट्टी अफगान खेल स्टेडियम में बनी अस्थाई जेल ले जाया गया
बाद में रिहा कर उन्हीं बसों से ब्लॉकों में भेजे गए कर्मचारी
फोटो नंबर-28 से 37