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किसानों को शुरु हुई भावांतर योजना में दाम बढ़ाने की उम्मीद

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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इस वर्ष पेश होने वाले बजट में किसानों को जीएसटी के बाद मंहगे हुए उपकरणों के सस्ता होने की खासी उम्मीद है। जीएसटी के बाद किसानों को बेचे जाने उपकरणों पर पांच से 12 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है। जिस पर किसानों को बजट में इससे छूट मिलने की मांग है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा शुरु की गई सब्जियों के लिए भावांतर योजना में दाम बढ़ाने की मांग भी की है।
जनसंख्या के मुताबिक प्रस्तुत हो कृषि बजट:-किसान गुरनाम चढूनी ने कहा कि पहली पंचवर्षीय योजना में खेती पर बजट 14 प्रतिशत था। जो वर्तमान में एक प्रतिशत से कम रह गया है। हो सके तो खेती का अलग बजट बनाया जाए। जनसंख्या के मुताबिक कृषि का बजट पेश हो। ताकि किसानों को राहत मिल सके।
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भावांतर योजना में बढ़े सब्जियों के दाम:-किसान गुरदयाल मलिकपुर ने कहा कि कुछ ही दिनों पहले सरकार ने मौसम के कारण खराब हुई सब्जियों में आलू व प्याज को शामिल कर इसमें 4 रुपये के प्रतिकिलो के हिसाब से देने की योजना चलाई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों को मिलने वाले दामों में बढ़ोतरी होनी चाहिए। इसके साथ ही इसमें मटर और गाजर को भी शामिल किया जाना चाहिए। इस बजट से ये मांगो के पूरा होने की उन्हें काफी उम्मीद है।
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किसान ईश्वर कुंडू ने कहा कि जब से सरकार ने जीएसटी के बाद से सरकार ने कृषि उपकरणों पर 5 से 12 प्रतिशत तक टैक्स को लगाया गया। जबकि इससे पहले किसानों के उपकरणों पर कोई भी टैक्स नहीं लगाया जाता था। सरकार न जीएसटी का कानून बनाया यह सराहनीय है। लेकिन इस पर लगाए गए टैक्स को किसानों के अनरुप लगाया जाए।बीज और खाद पर विशेष ध्यान दे:-किसान कुलदीप सिह ने कहा कि सरकार इस बजट में किसानों को दिए जाने वाले बीज और खाद पर विशेष ध्यान देकर इस पर और अधिक प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को कई बार समय पर बीज और खाद मिलने में परेशानी होती है। जिस पर भी सरकार को अधिक बल दिया जाना चाहिए।

किसानों को शुरु हुई भावांतर योजना में दाम बढ़ाने की उम्मीद
कृषि उपकरणों पर लगे जीएसटी टैक्स को घटाए सरकार
फोटो नंबर-21 से 24
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