ब्याज की राशि में 10 पैसे की छूट देने पर ही मानें आढ़ती, हड़ताल खुली
अब 120 की बजाए 110 दिन में करना होगा मिलर्स को 1.55 प्रतिशत ब्याज के लिए भुगतान
किसानों ने ली राहत की सांस
फोटो संख्या-31
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नई अनाज मंडी में चल रही आढ़तियों की दो दिन से हड़ताल बुधवार दोपहर को खुल गई। जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। मंडी में 1121 व बासमती धान की आवक हुई। जिसमें बासमती 4390 व 1121 3510 रुपये प्रति क्विंटल बिकी।
नई अनाज मंडी में आढ़तियों को मिलर्स द्वारा धान की खरीद पर किए जाने वाले भुगतान में देरी होने पर ब्याज की दर को लेकर विवाद चल रहा था। आढ़ती इस समय मिलर्स से 50 दिन में भुगतान करने पर पहले दस दिन तक कोई ब्याज नहीं लेते। इसके बाद यदि भुगतान नहीं होता है तो पूरे 50 दिन के लिए 1.50 प्रतिशत का ब्याज लगता है। इसके बाद 120 दिन तक यदि भुगतान होता है तो 1.65 प्रतिशत का ब्याज लगता है। मिलर्स इस 1.65 प्रतिशत के ब्याज की दर में छूट चाहते थे। लेकिन आढ़ती इसमें छूट देने को तैयार नहीं हैं। दो दिनों से जारी हड़ताल के बीच किसान परेशान चल रहे थे। मंगलवार को किसानों ने जाम भी लगाया था। इसके बाद बुधवार सुबह 11 बजे अनाज मंडी स्थित मंदिर में हुई मिलर्स की बैठक में फैसला हुआ कि अब आढ़ती मिलर्स से भुगतान के लिए 120 दिन की बजाए 110 दिन की छूट देंगे। इसके लिए 1.65 की बजाए 1.55 प्रतिशत का ब्याज लगेगा। बाकि ब्याज की धाराएं पहले की तरह से ही रहेंगी।
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मित्तल ने कहा कि मिलर्स के साथ विवाद सुलझ गया है। 120 की बजाए 110 दिन में अब 1.65 की बजाए 1.55 प्रतिशत की दर से ब्याज लिया जाएगा। लेकिन आढ़तियों का यह भी आग्रह है कि भुगतान में देरी ही ना हो। ताकि ब्याज की जरूरत ही न पड़े। सर्वसम्मति से यह भी फैसला हुआ है कि कम से कम तीन साल तक ब्याज की इन धाराओं से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी।