चार करोड़ खर्च होने के बावजूद घाटों के निर्माण अधूरे
- प्रसिद्ध फल्गु तीर्थ मेले में मात्र 27 दिन शेष
फोटो नंबर-51
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। फरल में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध फल्गु तीर्थ मेले के लिए तैयारियां अभी तक प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में ही सिमट कर रह गई हैं, जबकि मेले के आयोजन में मात्र 27 दिन शेष रह गए हैं। आलम यह है कि तीर्थ को जोड़ने वाली सभी सड़कें टूटी पड़ी हैं, गलियों व नालियों में गंदगी फैली पड़ी है। विस्तारक तीर्थ पर पौने 4 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद भी प्लेटफार्म, घाटों का निर्माण, महिला घाट अधूरे पड़े हैं।
बता दें कि इस प्रसिद्ध तीर्थ का वर्णन वामन पुराण, गरूड़ पुराण व महाभारत के वन पर्व में भी आता है। एडीसी पार्थ गुप्ता ने बताया कि उन्होंने तीर्थ के पानी को निकालने के लिए 6 पंप लगाने के लिए सिंचाई को निर्देश दिए हैं। ताकि पानी निकलते ही घाटों की रिपेयरिंग, प्राचीन वट वृक्ष के पास तीर्थ के नजदीक धसी दीवार की जगह नया घाट बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। ग्रामीण जिले सिंह, बबलू शर्मा, सतपाल सिंह, रतिराम, संता सिंह, राजेश कुमार व ऋषिपाल ने बताया कि 24 सितम्बर से 8 अक्तूबर तक आयोजित होने वाले इस मेले में 10 से 12 लाख श्रद्धालु भाग लेने की उम्मीद है, लेकिन प्रशासन की तरफ से अधूरी तैयारियों के चलते श्रद्धालुओं को कठिनाईयों का सामाना करना पड़ सकता है। इस बार मेले का महत्व इसलिए भी बड़ जाता है कि इसके बाद फल्गु तीर्थ का मेला वर्ष 2028 में आएगा।
विधायक प्रो. दिनेश कौशिक ने बताया कि मेले के तैयारियों को लेकर वो मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। एक-दो दिन में ग्रांट मंजूर हो जाएगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को कोई समस्या न आए, इसके लिए समय रहते तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं।