वार्ड की गलियों का विवाद : प्रधान ने बनाई चार सदस्यीय कमेटी, करेगी जांच
तीनों वार्डों की गलियों की शुरू से होगी जांच, कमेटी में दो पार्षद व अधिकारियों को किया शामिल
फोटो नंबर-43
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद द्वारा तीन वार्डों में गली निर्माण में धांधली के मामले में सोमवार को नगर परिषद चेयरपर्सन ने जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस चार सदस्यीय कमेटी में दो पार्षदों व दो अधिकारियों को शामिल किया गया। जो पार्षद के पूरे कार्यकाल की शुरुआत से लेकर अंत तक सभी ग्रांटों की जांच करेंगे। जिससे धांधली का पूरी सच्चाई का पता चल सकेगा। इस कमेटी में पार्षद मोहन शर्मा, वेदप्रकाश व नपा के अधिकारी एमई राजकुमार शर्मा व जेई प्रदीप को शामिल किया गया है।
चेयरपर्सन प्रतिनिधि सुरेश कश्यप ने बताया कि तीनों वार्डाें में हुए गली सहित अन्य मरम्मत कार्याें की पूरी फाइलें मंगवा ली गई है। जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जल्द ही गठित कमेटी इस मामले पर जांच शुरू कर देगी।
यह है पूरा मामला : बता दें कि राकेश सरदाना के वार्ड नंबर आठ में नगर परिषद में अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत का मामला सामने आया था। जिसमें अधिकारियों ने बिना गली बनाए ही ठेकेदार का बिल पास कर दिया। वार्ड नंबर आठ गुरु तेग बहादुर कॉलोनी में बाबा मौजनाथ की कुटिया के पास ब्लाक से गली का निर्माण होना था। जिसमें एक मकान से कुछ दूरी पर स्थित दूसरे मकान तक गली मंजूर की गई थी। गली फरवरी में पास की गई थी और ठेकेदार को वर्क आर्डर भी जारी कर दिया गया था। वार्ड के पार्षद राकेश सरदाना ने आरोप लगाया था कि गली को बिना बनाए ही उसका बिल पास कर दिया गया है। 15 दिन पहले ही उन्हें मामले के बारे में पता लगा। फरवरी में गली में ब्लाक लगवाने के लिए एस्टीमेट पास करवाया गया था। गली न बनने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। कई बार गली निर्माण के लिए वे नप अधिकारियों के पास भी गए। कुछ दिन पहले ही उन्हें पता चला कि गली का बिल भी पास हो गया है। करीब साढ़े तीन लाख रुपये ठेकेदार को दिए गए हैं, जबकि गली बनी ही नहीं थी। इसके साथ ही वार्ड नंबर 3 व 5 में भी कुछ गलियों के निर्माण में धांधली का आरोप वार्ड के पार्षदों ने लगाया था।