विश्व में किसी देश में नहीं हैं जीएसटी की इतनी दरें : बजरंग दास
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग दास गर्ग ने अनाज मंडी व कपड़ा मार्केट में व्यापारियों की बैठक ली। जिसमें जीएसटी से संबंधित समस्याएं जानीं और सरकार से इन समस्याओं के समाधान की मांग की।
बैठक के बाद कैथल क्लब में पत्रकार वार्ता में गर्ग ने कहा कि कपड़ा एसोसिएशन द्वारा कपड़ा पर जीएसटी लगाने के विरोध में राष्ट्रव्यापी बंद का व्यापार मंडल खुला समर्थन करता है। कपड़े पर केंद्र सरकार जीएसटी लगाने जा रही है जो उचित नहीं हैं। आज जीएसटी टैक्स प्रणाली में विश्व के अन्य देशों के मुकाबले टैक्स की दरें ज्यादा लगाने, व्यापारी व उद्योगपतियों को एक साल में 37 रिटर्न भरने के साथ-साथ रिवाईज रिटर्न भरने के प्रावधान को खत्म किया गया है। व्यापारी अगर टैक्स भरने में देरी करे या कागजी कार्रवाई में कमी पाने पर जेल भेजने जैसे जटिल कानून बनाने के कारण व्यापारी जीएसटी टैक्स प्रणाली के विरोध में खड़ा है। सरकार इसे सरल बनाने की बजाए घंटा बजाकर शुरुआत की बात कर रही है। एक टैक्स की बात हो रही है, लेकिन अभी भी छह-छह टैक्स लगाए जा रहे हैं।
कनाडा, ताइवान, बहरीन, जर्सी में 5 प्रतिशत, मलेशिया में 6 प्रतिशत, सिंगापुर, तंजानिया में 7 प्रतिशत, बहमास, अमेरिका में 7.5 प्रतिशत, जापान में 8 प्रतिशत, स्विट्जरलैंड में 8 प्रतिशत से 3.8 प्रतिशत, अॅास्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, कोरिया, मंगोलिया में 10 प्रतिशत, कजाकिस्तान में 12 प्रतिशत, दक्षिण अफ्रीका में 14 प्रतिशत, चीन में 17 प्रतिशत आदि देशों में जीएसटी की दरें कम हैं। किसानों की फसल पर हरियाणा में अलग से मार्केट फीस (मंडी टैक्स) लगाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। जीएसटी को यदि सरल नहीं बनाया गया तो व्यापारी अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल कर सकते हैं। इस मौके पर जिला प्रधान श्रवन गोयल, प्रदेश प्रचार मंत्री राजीव गुप्ता, अनाज मंडी प्रधान सुरेश चौधरी, अशोक गोयल, क्लॉथ मार्केट प्रधान मुनीष ग्रोवर, ऑयल मिल एसो के प्रधान शिव नारायण गोयल, सदस्य प्रवीन चौधरी, इश्वर चन्द्र जैन, प्रदेश सचिव जगदीश तायल, दवाई एसोसिएशन के प्रादेशाध्यक्ष धर्मवीर कैमिस्ट, प्रमुख समाज सेवी पारश मित्तल, राइस मिलर एसो प्रधान मांगेराम, प्रदेश संगठन मंत्री राजेन्द्र बंसल, जगदीश राय सिंगला, वीर भान जैन व्यापारी प्रतिनिधी मौजूद रहे।
अनाज मंडी में की आढ़तियों के साथ बैठक
बजरंग दास गर्ग ने मंगलवार को अनाज मंडी में कपड़ा व्यापारियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व्यापारियों के प्रति अपना नरम रवैया अपनाये, वरना व्यापारी को किसानों की तरह लठमार बन जाएंगे। 30 जून की आधी रात को जैसे ही जीएसटी के लिये घंटा बजेगा तो उसी समय सोये हुए व्यापारियों की गर्दन में फांसी का फंदा पड़ जाएगा। सरकार व्यापारियों से टैक्स के रूप में पैसा लेती है, परंतु व्यापारियों को कोई सहूलियत नहीं देती। गांवों में विभाग के उच्च अधिकारी किसानों के पास जाकर दिखाये तो सही। यदि गलती से कोई चला भी जाता है, तो उसको बैरंग लौटना पड़ता है। अब व्यापारियों को भी किसानों की तरह बनना पड़ेगा। आढ़तियों ने लाइसेंस रिन्यू न होने की शिकायत की। जिस पर उन्होंने कहा कि सरकार इस ओर ध्यान दे।