संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। गुहला क्षेत्र के गांव खुशहाल माजरा में राइस मिलों से फैल रहे प्रदूषण और पीने के पानी की जहरीली स्थिति उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। मंगलवार को एसएमओ गुहला डॉ. प्रीति और हेल्थ इंस्पेक्टर जिले सिंह के नेतृत्व में डॉ. अमन बंसल की टीम ने गांव का दौरा किया। टीम ने गांव की वाटर सप्लाई के 10 सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे, जिनमें से 8 सैंपल दूषित पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की और कैंसर, पीलिया व टीबी से पीड़ित मरीजों का हाल जाना। घर-घर जाकर खून के सैंपल लिए गए। कई घरों में एक से अधिक मरीज पाए गए, जो विभिन्न गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं।
डॉ. अमन बंसल ने पत्रकारों को बताया कि पानी में क्लोरीन की मात्रा बेहद कम है, जिससे पीलिया फैलने का खतरा है। उन्होंने कहा कि विभाग ग्रामीणों को क्लोरीन की गोलियां वितरित करेगा और जनस्वास्थ्य विभाग को पानी में क्लोरीन बढ़ाने का निर्देश दिया जाएगा।
गंभीर स्वास्थ्य स्थिति
डॉ. अमन बंसल ने बताया कि गांव में चार टीबी, एक-एक कैंसर और पीलिया के रोगी सामने आए। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि पीने का पानी
उबालकर ही पिएं। राइस मिलों द्वारा छोड़ा गया गंदा पानी जमीन में मिलने से जमीनी जल दूषित हो रहा है, जो कैंसर, पीलिया, टीबी और त्वचा रोगों का कारण बन सकता है।
क्षेत्र में 70 राइस मिलें संचालित ः खुशहाल माजरा और आसपास के गांवों सदरेहड़ी, टटियाना, डेरा भाग और चीका में लगभग 70 राइस मिलें संचालित हैं। अधिकांश मिल मालिक चावल बनाने के लिए उपयोग किए गए पानी और टॉयलेट के गंदे पानी को रिचार्ज बोर के माध्यम से जमीन में छोड़ते हैं। यही दूषित पानी स्थानीय लोगों के पीने और घरेलू उपयोग के पानी को खतरे में डाल रहा है।
विधानसभा में गूंजा बीमारी का मुद्दा
गुहला चीका। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस ने गुहला क्षेत्र में राइस मिलों की लापरवाही से फैल रही बीमारी का मुद्दा उठाया। शून्यकाल के दौरान विधायक ने कहा कि खुशहाल माजरा गांव के आसपास राइस मिलें है। इसके मालिक गंदा पानी जमीन के अंदर छोड़ रहे हैं जिससे ग्रामीणों का जीवन खतरे में है। उन्होंने सरकार से कार्रवाई करने की मांग रखी। विधायक देवेंद्र हंस ने सीवन नगर में डाली गई सीवरेज में हुए घोटाले का मुद्दा भी उठाया। कहा कि सीवरेज डालने के नाम पर भ्रष्टाचार किया गया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग रखी। विधायक ने गांव खरका में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन, बाढ़ व बरसात से खराब हुई फसलों के मुआवजा ना मिलने का मामला भी विधानसभा पटल पर उठाया। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता के स्वास्थ्य, किसानों की आजीविका और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार की उदासीनता अस्वीकार्य है। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो इन जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष और तेज किया जाएगा। संवाद