सफाई व्यवस्था ठप, नहीं उठा 70 टन कचरा, 300 कर्मचारी रहे हड़ताल पर
पूर्व कर्मचारियों ने रात्रिकालीन सफाई के लिए लगाए गए नए कर्मचारियों का किया विरोध, हटाए गए 140 कर्मचारियों को पहले काम पर रखने की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद द्वारा रात्रिकालीन सफाई के लिए रखे गए नए कर्मचारियों के विरोध और पिछले साल हटाए गए 140 कर्मचारियों को काम पर रखने की मांग को लेकर सोमवार को सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। जिसमें कचरा उठान कार्य में लगे कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। जिस कारण उठान का कार्य भी प्रभावित हुआ है। शहर से 70 टन कचरे का उठान नहीं हो पाया। सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से शहर में सफाई न होने से काफी बदहाल रही। वहीं सफाई कर्मचारियों ने नप परिसर में धरना देकर नगर परिषद व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
परिषद कार्यालय में दिया धरना : सफाई कर्मचारियों के धरने की अध्यक्षता ब्लाक प्रधान रामशरण कल्याण ने की। जबकि मंच संचालन उप प्रधान राजेंद्र टांक ने किया। रामशरण ने कहा कि सोमवार को 300 कच्चे व पक्के सफाई कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। जिन्होंने सोमवार को अपना काम पूरी तरह से बंद रखा। जिससे शहर में सफाई व्यवस्था काफी प्रभावित हुई। उनके धरने पर भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर भी पहुंचे। जिन्होंने 140 सफाई कर्मचारियों के रद्द हुए टेंडर को दोबारा जारी करवाने के लिए बुधवार को शहरी निकाय मंत्री कविता जैन से मिलवाकर बातचीत का आश्वासन दिया।
डोर टू डोर कचरा उठान कार्य भी प्रभावित रहा : सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सोमवार को शहर के विभिन्न वार्डों में घरों में डोर टू डोर जाकर उठाए जाने वाला कचरा भी नहीं उठाया गया। इस हड़ताल में लिफ्टिंग के 80 से अधिक कर्मचारी भी शामिल हुए और उन्होंने भी हटाए गए 140 कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। इसके साथ ही शहर में सफाई व्यवस्था भी बदहाल हुई। जिससे शहर में कचरा उठान नहीं हो सका। शहर में कचरा उठान न होने से मेन बाजार, करनाल रोड पर आईजी कॉलेज के समीप, अमरगढ़ गामड़ी, चंदाना गेट व प्रताप गेट सहित अन्य मुख्य स्थानों पर गंदगी फैली रही। जिससे लोगों को यहां पर भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
70 टन कचरे का प्रतिदिन होता है उठान : बता दें कि प्रतिदिन 80 कर्मचारी कचरा उठान का कार्य करते हैं। जिसमें लिफ्टिंग के तहत पूरे शहर के 31 वार्डाें व अन्य कालोनियों से प्रतिदिन 70 टन से अधिक कचरा उठान का कार्य किया जाता है। सोमवार को हड़ताल के कारण 70 से अधिक टन कचरे का उठान नहीं हो पाया। नगर परिषद के पास डोर टू डोर अभियान के 24 छोटा हाथी है। इसके साथ ही कचरा उठान के 14 गाड़ी, सफाई कर्मचारियों द्वारा कचरा उठान के लिए 55 रेहड़ी व 7 ट्रैक्टर है। जो हड़ताल के कारण नगर परिषद परिसर में खड़े रहे।
राज्य कमेटी के आह्वान पर चतुर्थ कर्मचारी भी बैठे धरने पर
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उधर, हरियाणा राज्य चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी यूनियन की ओर से आयुष विभाग में चतुर्थ श्रेणी पार्ट टाइम कर्मचारियों व रेगुलर कर्मचारियों की मांगों का समाधान के लिए पटवार भवन के सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने अपना मांग पत्र जिला आयुर्वेदिक अधिकारी को सौंपा। यूनियन के जिला प्रधान छज्जू राम ने बताया कि आयुष विभाग में पद सृजित करके दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके सभी पार्ट टाइम कर्मचारियों को नियमित किया जाए। नियमित होने तक पूरे दिन का कर्मचारी मानकर 24 हजार वेतन लागू किया जाए। हर महीने पार्ट टाइम कर्मचारियों को सात तारीख से पहले वेतन दिया जाए। राज्य कमेटी सदस्य शिव कुमार के काटे गए सात मास के वेतन का भुगतान किया जाए। उन्होंने बताया कि पार्ट टाइम कर्मचारियों की ड्यूटी किसी अन्य कार्य के लिए लगाई जाती है तो लिखित आदेश दिए जाएं और उस दिन टीए-डीए का भुगतान किया जाए। इस मौके पर मियां सिंह उपप्रधान, रामपाल रति, पाला राम कुंडू, अमर सिंह, जगदीश, दरबारा, मिठ्ठनलाल, ईश्वर सिंह मौजूद रहे।
हिमाचल के राज्यपाल के कार्यक्रम में दिखी कैथल नगर परिषद की गाड़ियां : शहर में जहां कचरा उठान कार्य हड़ताल के कारण ठप रहा। वहीं नगर परिषद के 20 से ज्यादा गाड़ियां गांव रोहेड़ा में आयोजित हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के कार्यक्रम में दिखे। जहां उनके ऊपर तिरंगा लगाकर ले जाया गया। इस संबंध में पूछने पर सफाई निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने कहा कि उन्हें ईओ ने वहां गाड़ियां भेजने को कहा था। वहीं ईओ नगर परिषद से संपर्क नहीं हो पाया।