छात्राएं फोन करतीं रहीं, न पुलिस ने उठाया, न उठा महिला हेल्प लाइन 1073
सरकार के महिला सुरक्षा के दावों की निकली हवा, रिएल्टी चेक में फेल हो गई पुलिस की महिला सुरक्षा की बातें
मदद के लिए छात्रा मिलाती रही 1073, 100 व चीका थाना प्रभारी का नंबर, डीएसपी के नंबर से भी नहीं मिला संतोषजनक जवाब
फोटो संख्या-51
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। प्रदेश में महिला सुरक्षा के नाम पर चार साल से किए जा रहे बड़े बड़े दावे आज छोटे से रिएल्टी चेक में ही फेल हो गए। दरअसल प्रदेश सरकार के एक और सुधार कार्यक्रम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राकी मित्तल दुर्गा शक्ति एप और महिलाओं की सुरक्षा के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा करने चीका के सरकारी कन्या स्कूल पहुंचे थे।
उनके कहने पर एक छात्रा ने एक-एक करके कई जगह फोन मिलाया। लेकिन न तो महिला हेल्प लाइन के फोन नंबर 1073 को किसी ने उठाया और न ही पुलिस मदद के लिए डायल किए गए 100 नंबर पर कोई जवाब मिला। छात्रा ने चीका थाना का नंबर मिलाया पर वहां भी घंटी जाती रही। फोन उठाने की जहमत किसी पुलिसकर्मी ने नहीं उठाई। थक हारकर छात्रा को डीएसपी गुहला का नंबर देकर उसे मिलाने को कहा गया। वह नंबर किसी ने उठाया तो जरूर पर छात्रा की बिना बात सुने ही फोन काट दिया गया। महिला सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारियों का यह रवैया देख रॉकी मित्तल स्वयं चीका थाना पहुंच गए। थाना प्रभारी की गैर मौजूदगी में वहां पर तैनात कर्मचारी आशीष कुमार थाना क्षेत्र में रेंज की प्रॉब्लम की सफाई देते नजर आए, परंतु उन्होंने भी यह माना कि दुर्गा शक्ति की गाड़ी गुहला चीका में कभी-कभी ही आती है। मित्तल ने कहा कि वे इसकी शिकायत सीएम मनोहर लाल से करेंगे।
गांव से पढ़ने के लिए स्कूल तक आने वाली छात्राओं के लिए बस सुविधा के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मित्तल ने कहा कि इसके लिए सरकार की तरफ से ऑटो की व्यवस्था की जा रही है। जिले के कुछ स्कूलों में ऑटो शुरू किए गए है जिससे छात्राओं को काफी राहत मिली है। गुहला हलके में भी शीघ्र ही इस प्रकार के ऑटो लगाए जाएंगे। इन ऑटो का भुगतान सरकार की तरफ से किया जा रहा है। राकी मित्तल ने गुहला अस्पताल, फोरलेन के चल रहे निर्माण कार्य व दूसरे सरकार कार्यालयों का भी निरीक्षण किया।