फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रधानमंत्री आवास योजना में विकास शुल्क का अड़ंगा

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री आवास योजना में विकास शुल्क का अड़ंगा
विज्ञापन

120 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से डेवलपमेंट चार्जेज के साथ नक्शा पास करवाने के लिए कहा जा रहा है कैथल नगर परिषद में
जबकि आस-पड़ोस के शहरों में बिना परिषद या पालिका से नक्शा पास करवाए जा रही है आवास बनाने के पहली किश्त की राशि
5 करोड़ रुपये की राशि आ चुकी है परिषद के पास, लोगों को नहीं दी जा रही राशि
घर बनाने से महरुम हैं योजना के तहत पात्र लोग, कोई सुनने को तैयार नहीं
फोटो संख्या-20
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कैथल शहर में लाभपात्र नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काट कर थक गए हैं। परिषद में किसी भी स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही। कारण एक है कि योजना के पात्रों से अकेले नगर परिषद कैथल में नक्शा पास करवाने के लिए डेवलपमेंट चार्ज वसूल रहा है। जिसमें 120 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से फीस जमा करवानी है। गरीब एवं जरूरतमंद लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। जिस कारण वे भारी भरकम फीस जमा नहीं करवा पा रहे हैं और योजना का क्रियान्वयन यहां ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।
योजना के पात्र लोगों में शामिल कृष्ण कुमार, धर्मबीर सिंह, ईश्वर सिंह, बलदेव सिंह, निर्मल सिंह, सुरेंद्र सिंह, रमेश कुमार, चंद्रभान सहित अन्य लोगों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अभी तक कई बार घर का सर्वे हो चुका है। उन्हें पात्र बताते हुए एक प्रमाण पत्र जारी किया गया। इसके बाद उन्हें घर की नींव भरने के बाद एक लाख रुपये की राशि दिए जाने की बात कही गई थी। कई लोगों ने नींव भी भर ली। फाइल तैयार कर नक्शा बनवाकर जमा करवा दिया। लेकिन अब कहा जा रहा है कि इस नक्शे को परिषद से पास करवाओ। परिषद से पास करवाने में 50 वर्ग गज के मकान के लिए भी 5 हजार रुपये जमा करवाने पड़ेंगे। यदि 100 गज का है तो 10 हजार रुपये और 250 वर्ग गज में है तो 25 हजार रुपये। पात्र लोग यह राशि कहां से जमा करवाएं। जब सरकार उन्हें घर बनाने में मदद कर रही है तो छोटे घरों के लिए विकास शुल्क में राहत क्यों नहीं दी जा रही। वे इसके लिए जेई से लेकर आला अधिकारियों तक से मांग कर चुके हैं। सुनवाई नहीं हो रही।
विज्ञापन

पड़ोस के शहरों में जारी की जा रही है पहली किश्त : परिषद सूत्रों ने बताया कि अकेले कैथल शहर में ही गरीबों को योजना का लाभ देने में यह अड़ंगा अड़ाया जा रहा है। बाकी शहरों में बिना नक्शा पास करवाए पहली किश्त जारी की जा रही है। कैथल में 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हो चुकी है। लेकिन एक भी व्यक्ति के खाते में पहली किश्त जारी नहीं हुई है।
डीसी धर्मवीर सिंह ने कहा कि वे पता करवाएंगे, कैथल नगर परिषद में ऐसा क्यों किया जा रहा है। जो भी नियम है, उसके अनुसार कार्रवाई कर लोगों को राहत दिलवाई जाएगी।
विज्ञापन

भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर ढांड ने कहा कि यदि दूसरे शहरों में योजना का लाभ बिना नक्शा पास करवाए दिया जा रहा है तो कैथल में भी इसी तरह योजना का लाभ दिलवाया जाएगा। वे जल्द ही डीसी से बात करेंगे। ताकि लोग परेशान न हों।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें