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कचरा डंप करने के लिए चार घंटे तक किसानों के जाने करते रहे इंतजार

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किसान रहे धरनारत, बिना कचरा डंप किए ही लौटे नपा कर्मचारी
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कचरा डंप करने के लिए चार घंटे तक किसानों के जाने का करते रहे इंतजार, कहा- कचरा डंप समस्या बनी बीरबल की खिचड़ी
फोटो नंबर-29
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। खुराना रोड पर स्थित डंपिंग यार्ड में मंगलवार को कचरा डालने की शुरुआत के बाद बुधवार को नपा के कर्मचारी किसानों के विरोध के चलते कचरा नहीं डाल पाए। कचरा डंप करने के लिए नपा के मुख्य सफाई निरीक्षक सहित अन्य कर्मचारी यहां पर किसानों के न होने की आस में दोपहर करीब दो बजे पहुंचे। लेकिन किसान यहां पर लगाए गए धरने में मौजूद रहे। किसानों के जाने के वहम में नपा के कर्मचारी करीब साढे़ तीन घंटे तक यहां पर डटे रहे। लेकिन किसानों ने उनके कार्य को किसी प्रकार से सिरे नहीं चढ़ने दिया।
वहीं किसानों का कहना है कि जब डीसी के आदेशों पर डंपिंग स्टेशन को लेकर यहां पर कार्य पूरा नहीं करवाया जाता। तब तक हम यहां पर ऐसे ही डटे रहेंगे। मंगलवार को हमारी गैर मौजूदगी में कुछ कचरा डंप करने में नपा के कर्मचारी जरूर सफल रहे थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। किसानों के विरोध के चलते अब शहर को कचरे को डंप करने की समस्या अब बीरबल की खिचड़ी को बनाने जैसा कार्य साबित होने लगा है। किसानों के कड़े विरोध के चलते जिला प्रशासन भी पूरी तरह से शहर की समस्या को दूर करने में बेबस दिखाई दे रहा है। वहीं शहर से कचरे डंप करने की समस्या पर नपा के चेयरपर्सन, अधिकार व पार्षद तक कड़े हथकंडे को अपना चुके हैं। लेकिन वे सभी असफल हुए है।
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तीन घंटे डटे रहे कचरा डंप करने के लिए : मुख्य सफाई निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने बताया कि वे बुधवार को कचरा डंप करने के लिए डंपिंग स्टेशन पर करीब तीन घंटे तक वहां मौके को तलाशते रहे। लेकिन नपा के कर्मचारियों की किसानों के आगे एक नहीं चली। जिससे उन्हें तीन घंटे बाद कचरे से भरी गाड़ियों व ट्रॉलियों सहित वापस लौटना पड़ा।
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हम अपनी मांगों पर अटल : भाकियू के पदाधिकारी सुखपाल ने कहा कि कचरा डंप करने की समस्या तो नपा के कर्मचारियों व अधिकारियों को दिख रही है। लेकिन किसानों की समस्या किसी को भी दिखाई नहीं देती है। ऐसे में वे अपनी मांगो पर पहले की तरह ही अटल है। जब भी डीसी साहब कोई फैसला कर लेंगे। तब हम कचरे को लेकर कुछ फैसला कर सकेंगे।
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