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निजी बस चालकों के खिलाफ छात्र व ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

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निजी बस चालकों के खिलाफ छात्र व ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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फोटो नंबर-33
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। गांव बड़सीकरी कलां में प्राइवेट बस चालकों की मनमानी व अभद्र व्यवहार करने पर निजी बस को रोककर चालकों व सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया। छात्र व ग्रामीणों ने एक सप्ताह तक समाधान नहीं किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। छात्र व ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन का पता चलते ही एएसआई महावीर सिंह व एसएसआई नसीब सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे तथा आश्वासन के बाद छात्र व ग्रामीण शांत हुए। प्रदर्शन में शामिल छात्र पवन, अकिंत, राहुल, रवि, विकास व ग्रामीण गुरजेंट, गुरमीत, मेवा राम, रमेश कुमार, अमित कुमार आदि ने बताया कि पढने व रोजमर्रा के काम से सैकड़ों छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों को करीब 10 से 15 किलोमीटर कलायत आना जाना पड़ता है। कुछ दिन पहले सरकारी बस की सुविधा हटा दी गई थी तथा सरकारी बस हटाए जाने के कारण हमें पिछले कुछ समय से प्राइवेट बस में ही आना जाना पड़ रहा है। निजी बस में बस पास होते हुए भी छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। कई बार तो बस से जबरदस्ती रास्ते में ही नीचे उतार दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्राइवेट बस चालक के पास किसी प्रकार का परमिट न होने के बावजूद परिवहन विभाग की मिलीभगत से कमालपुर से कलायत निजी बस धड़ल्ले से चलाई जा रही है। जिस की शिकायत सीएम विंडो के साथ साथ विभाग के आला अधिकारियों से किए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में सरकारी बस सेवा बहाली के साथ साथ निजी बस चालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।
इस बारे बस के संचालक नसीब सिंह से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि सरकारी बस बंद होने के कारण से सवारियों को दिक्कत आ रही है। उनका कहना था कि एक बस में तीन गांवों की सवारियां व छात्र कैसे समाऐंगे। उनका कहना था कि वे किसी भी पास लिए हुए छात्र को बस में यात्रा करने से मना नही करते पर छात्र बस में सीट की मांग करते हैं।
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जिम्मेवारी लें ग्रामीण बस सेवा हो जाएगी बहाल
रोडवेज जीएम रामकुमार ने बताया कि ज्यादातर ग्रामीण व छात्र बस पास न बनवाकर फ्री में सरकारी बस और पैसे देने वाले प्राइवेट साधनों में सफर करते आ रहे हैं। आमदनी कम और खर्चा अधिक बढ़ने के कारण सरकारी बस सुविधा वापिस लेनी पड़ी। यदि ग्रामीण आश्वासन दें तो बस सुविधा दोबारा बहाल कर दी जाएगी। और निजी साधनों व प्राईवेट बस चालक के खिलाफ कार्यवाही के लिए आरटीए कैथल को पत्र लिखा गया है।
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