सीएम ने ग्योंग ड्रेन कवर करने की कही थी, विभाग ने कहा मुमकिन नहीं
कमल कुमार
कैथल।
जनस्वास्थ्य विभाग ने ग्योंग ड्रेन को कवर करने के मुख्यमंत्री के एलान को अनफिजिबल बताकर रिजेक्ट कर दिया है। इससे अब सेक्टर-18 सहित इसके आसपास की आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियों को ड्रेन की बदबू में ही रहना पड़ेगा। विभाग ने इसके लिए दलील दी है कि इसके कवर किए जाने के बाद इसकी सफाई नहीं हो सकती है। वहीं सवाल उठता है कि कांग्रेस सरकार में ढांड रोड सेक्टर 20 के कोने से शुरू होकर मानस ड्रेन तक कई किलोमीटर की ड्रेन जब कवर हो सकती है और उसकी सफाई हो सकती है तो ग्योंग ड्रेन को कवर क्यों नहीं किया जा सकता? क्या विभागीय अधिकारियों ने सीएम की योजना को पलीता लगाने का प्रयास किया है? यह सवाल लोगों के मन में उठ रहा है।
विभाग को दिया घोषणा का कार्य, तकनीकी कारणों से हुई रद्द : ग्योंग ड्रेन में गंदे पानी के बहाव के कारण बदबू से राहत को लेकर सीएम की घोषणा के बाद इसे पूरा करने को कार्य को जन स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया। इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने इस ड्रेन को कवर करने की प्रक्रिया पर जांच की और कुछ तकनीकी कारणों के चलते इसके निर्माण कार्य का पूरा न होने की रिपोर्ट दी। इस कारण सीएम की इस घोषणा को रद्द कर दिया गया।
नहीं हो सकेगी सफाई : जन स्वास्थ्य विभाग के एसई एके पाहवा ने बताया कि सीएम की घोषणा के तहत ग्योंग की ड्रेन को कवर किया जाना था, लेकिन इसका क्षेत्र अधिक होने के कारण इसे कवर होने के बाद इसमें गंदगी को साफ नहीं किया जा सकता। इस कारण इसके निर्माण का न होने की रिपोर्ट दी गई। इसके कवर होने के बाद बारिश का पानी भी सड़क पर ही बहेगा।
इन कॉलोनियों से गुजरती है ड्रेन, बदबू का आलम : ग्योंग ड्रेन ढांड रोड से लेकर जींद रोड तक की आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियों को कवर करती है। इसमें ढांड रोड, भगत सिंह कॉलोनी, जनकपुरी कॉलोनी, फ्रेंड्स कॉलोनी, मायापुरी कॉलोनी, देवरगढ़ रोड व सेक्टर 18 में स्थित सभी कॉलोनियों में इसे कवर किया जाना था। लेकिन इसके कवर न होने के कारण इन सभी कॉलोनियों के लोग गंदगी में जीने के लिए मजबूर है और कई बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं।
गंदगी के कारण जीना मुहाल : दुकानदार शिव शर्मा ने बताया कि गर्मी के समय भी यहां पर रहने वाले लोगों की करीब 80 प्रतिशत जनसंख्या डेंगू से ग्रस्त थी। अभी भी परेशानी होती है। इस पर सरकार को जल्द कार्य शुरू करवाना चाहिए।
सीवरेज के पानी की करते निकासी : मायापुरी कॉलोनी निवासी रजत ने बताया कि ड्रेन को साफ करना तो दूर विभाग द्वारा करनाल रोड बाईपास पर सीवरेज के पानी की निकासी के लिए यहां पर 24 घंटे में से 16 घंटे तक जनरेटर को लगाया जाता है। इससे यहां स्थित दुकानदारों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
बरसात के समय यहां जीना दुश्वार : दुकानदार मोहित सिंगला ने बताया कि ड्रेन में फैली गंदगी के कारण बरसात के समय यहां जीना दुश्वार हो जाता है। विभाग द्वारा पिछले तीन साल में केवल एक बार ही इसकी सफाई की है। यदि इसकी समय समय पर सफाई भी की जाए तो बदबू से लोगों को काफी राहत मिल सकती है।
शिकायत पर नहीं हुई कोई सुनवाई : दुकानदार बीर सिंह ने बताया कि ड्रेन की सफाई को लेकर कई बार संबधित विभाग को शिकायत भी दी गई है, इसके बावजूद विभाग का इस ओर कोई ध्यान ही नहीं है।
सवाल : जब ढांड रोड से मानस रोड की ड्रेन को किया जा सकता है सीमेंटेड तो चार किलोमीटर के एरिया में ग्योंग ड्रेन में क्या परेशानी?
मुख्यमंत्री की घोषणा से सेक्टर-18, मायापुरी, जनकपुरी, फ्रेंड्स कॉलोनी सहित करनाल रोड की कॉलोनियां होनी थी स्वच्छ
फोटो नंबर-19 से 25