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शहर की तीसरी आँखों को है ऑपरेशन की दरकार

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शहर की तीसरी आँखों को है ऑपरेशन की दरकार
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। लाखों रुपये की लागत से शहर के चौक-चौराहों पर 32 जगह लगे सीसीटीवी कैमरों के अब नामो-निशान भी मिटने लगे हैं। कई चौकों पर लगे सीसीटीवी कैमरे डीवीआर सहित लापता हैं तो कइयों में बिजली के कनेक्शन नहीं हैं। साथ ही चौकों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के एंगल गलत हैं। कैमरों की हालत को देखकर लग रहा है कि नगर परिषद इन्हें फोकट का समझ कर भूल गई है। बार-बार उठाई जा रही मांग के बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं हैं। अमर उजाला ने कैमरों की पड़ताल की तो हालत काफी खराब मिली।

प्रताप गेट पर मिला खाली डिब्बा : प्रताप गेट पर दो सीसीटीवी कैमरों के ऊपर डीवीआर का बॉक्स खाली पड़ा हुआ है और इनमें न ही कोई बिजली की तार लगी हुई। बॉक्स में बिजली के स्विच पड़े हुए हैं। डीवीआर ही नहीं तो रिकॉर्डिंग कहां से होंगी। पंजाब की ओर जाने व शहर में कई अहम कालोनियों में आने-जाने के लिए यहां से रास्ते हैं।
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चंदाना गेट पर एंगल गलत : चंदाना गेट पर पांच ओर से आने-जाने के रास्ते हैं। केवल चंदाना की ओर से आ रहे रास्ते पर दो कैमरे लगे हैं। जिनमें से एक लकड़ी की फट्टी पर जुगाड़ से कैमरा टांगा गया है। जिसका एंगल सही नहीं है। यह महाराजा शूरसैनी की प्रतिमा तक के एरिया को भी कवर नहीं करता। बाकी तीनों रास्ते खाली हैं। भगत सिंह चौक पर कैमरे कुछ ठीक हालत में मिले। यहां रेहड़ी चालक ठाकुर दास ने बताया कि दो माह पूर्व इनकी जांच भी हुई थी। यह संवेदनशील क्षेत्र है।

कबूतर चौक से कैमरा व डीवीआर ही लापता : कबूतर चौक पर लगे कैमरे ही चोरी हैं। डीवीआर भी चोरी है। खाली लोहे का डिब्बा टंगा है। यहां दुकानदार रविंद्र ने बताया कि कैमरे व डीवीआर कब चोरी हुए पता नहीं चला, करीब दो कैमरे यहां लगे थे। यहां अधिकतर मार्केट एरिया है। जहां सीसीटीवी कैमरे काफी महत्वपूर्ण हैं।
महेश चौक पर लगे कैमरे ठीक नजर आए। लेकिन ये रिकॉर्डिंग कर रहे हैं या नहीं। पता नहीं। रेहड़ी चला रहे तरसेम ने कहा कि यहां दो-तीन माह पूर्व चेकिंग हुई थी। पिहोवा चौक पर तीन कैमरे लगे हुए हैं। जो ठीक हालत में नजर आए। लेकिन यह पता नहीं कि इनमें रिकॉर्डिंग है या नहीं।

भगवान परशुराम चौक पर दो कैमरे, जरूरत चार की : भगवान परशुराम चौक से पंजाब की ओर आने-जाने के लिए दो रास्ते हैं। हुडा की ओर से व शहर की ओर आने पर कोई कैमरा नहीं है। यहां दुकानदार बलवान ने कहा कि कैमरे लगे जरूर हैं। लेकिन और भी जरूरत है।

कमेटी चौक पर एंगल ही गलत : शहर में प्रवेश द्वारों में से एक कमेटी चौक पर दो कैमरे लगे हैं, लेकिन एंगल सही नहीं है। एक तो नगर परिषद कार्यालय के प्रवेश द्वार तक के एरिया को भी कवर करता नजर नहीं आ रहा। जबकि शहर के बाजारों में प्रवेश के लिए यह महत्वपूर्ण द्वार है। इसी प्रकार से महर्षि वाल्मीकि चौक पर लगे कैमरे का एंगल भी गलत है। विश्वकर्मा चौक पर कैमरे कुछ ठीक मिले, लेकिन यह पता नहीं कि ये चालू हालत में हैं या नहीं।
अंबाला रोड बाईपास पर दो मार्गों पर कैमरे, दो खाली : अंबाला रोड बाईपास चौक पर दो कैमरे लगे हैं। जबकि हुडा व शहर की ओर के मार्ग खाली हैं। जबकि बाहरी क्षेत्र में यह महत्वपूर्ण चौक है। यहां पर पुलिस पोस्ट भी है। अच्छी गुणवत्ता के कैमरे यहां काफी मददगार साबित हो सकते हैं।

ढांड रोड बाईपास चौक से कैमरे व डीवीआर चोरी, खाली डिब्बा टंगा है : अंबाला रोड बाईपास चौक पर सीसीटीवी कैमरे व डीवीआर का कोई अता-पता नहीं है। खाली लोहे का डिब्बा टंगा है। यहां खाली तार तक नहीं बची है। लेकिन शायद शहर की सुरक्षा के लिए जिम्मेवार लोगों का यहां ध्यान ही नहीं गया। करनाल रोड बाईपास चौक पर दो कैमरे लगे हैं, दोनों एक ही एंगल पर हैं। ऐसे में कितने मददगार साबित हो रहे हैं, ये खुद ही बता रहे हैं। यहां पुलिस चौकी भी है। बावजूद इसके सीसीटीवी कैमरों के नाम पर यहां भी खानापूर्ति है।

जींद रोड बाईपास चौक पर तो खाली डिब्बा भी नहीं : जींद रोड बाईपास चौक पर तो कैमरे, डीवीआर व खाली डिब्बा भी नहीं बचा। यह काफी महत्वपूर्ण चौक है। जहां पुलिस चौकी भी है।

चार साल पहले 15 लाख की लागत से लगाए गए थे कैमरे, कंट्रोल रूम बनाया जाना था : ये कैमरे करीब 4 साल पहले लगाए गए थे। इनके लिए एक जगह कंट्रोल रूम बनाया जाना था। कंट्रोल रूम बनना तो दूर की बात है। यही हालात रहे तो चौकों पर लगे ये कैमरे भी लापता हो जाएंगे। इन पर लगभग 15 लाख रुपये की लागत आई थी। लेकिन इन्हें लगाकर परिषद अधिकारी शायद भूल ही गए हैं।
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डीसी सुनीता वर्मा का कहना है कि पता करवाया जाएगा कि कैमरों की हालत क्या है। ये काफी महत्वपूर्ण हैं। यदि खराब हैं तो उन्हें दुरुस्त करवाया जाएगा।

एसपी आस्था मोदी ने कहा कि यह बात उनके संज्ञान में भी आई है। इसके लिए संबंधित एसएचओ से रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट को डीसी को भेजा जाएगा। ताकि इन्हें दुरुस्त करवाया जा सके। सुरक्षा की दृष्टि से ये काफी महत्वपूर्ण हैं।

-लाखों रुपये की लागत से शहर के 32 जगह लगे सीसीटीवी कैमरों के अब मिटने लगे हैं नामो-निशान
- सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर व कैमरे भी चोरी, खुले पड़े हैं बॉक्स, कहीं बिजली का कनेक्शन तक नहीं
फोटो संख्या-1 से 10, 13, 14 व 15
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