15 नवंबर के बाद लिया जाएगा आंदोलन का फैसला
कैथल। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक रामकुमार जैलदार की अध्यक्षता में मांगों को लेकर जवाहर पार्क में संपन्न हुुई। जिसमें चेयरमैन भरत सिंह बैनीवाल, उपप्रधान कर्म सिंह कादियान, साधूराम व महासचिव दलबीर सिंह हरसौला ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 15 नवंबर तक बीसीबी श्रेणी में जाटों को आरक्षण दें, जेलों में बंद युवाओं को रिहा किया जाए, आरक्षण के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए, मृतक के परिवार से एक को नौकरी व घायलों को मुआवजा दिया जाए, देवबन कैंची धरने मे गबन करने वाले चंदे के आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया जाए, यशपाल मलिक व सांसद राज कुमार सैनी की सभाओं पर जल्द ही पाबंदी लगाई जाए। नहीं तो अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति सरकार के खिलाफ संघर्ष करने पर मजबूर होगी। जिसके लिए 20 नवंबर को डीसी कार्यालय के सामने सुबह 10 बजे धरना दिया जाएगा। इसी दौरान डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद 22 नवंबर को डीसी कार्यालय जींद, 24 को हिसार, 26 को रोहतक, 28 को झज्जर व 30 नवंबर को सोनीपत में डीसी कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा। बैठक में 20 नवंबर के धरने का सफल बनाने के लिए चार टीमों को गठन किया गया है। यह टीमें गांव-गांव जाकर धरने मे शामिल होने के लिए लोगों से अपील करेगी। इस अवसर पर कर्मबीर, बलदेव, सुरेश मलिक, महावीर सिंह, दलीया राम, कर्मसिंह कसान, बलवान मलिक सिरटा, हजूर सिंह, राजबीर हरसौला, धर्मसिंह किच्छाना, पाल कसान, बीराराम, मा. सुरजीत, संदीप व रामकुमार मौजूद रहे।