पार्षदों की जोड़-तोड़ के लिए प्रयास जारी
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद कैथल चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मामले में सोमवार को दोनों पक्षों द्वारा अपने-अपने पक्ष में पार्षदों की संख्या बढ़ाने एवं पूर्व में समर्थक पार्षदों की संख्या को बनाए रखने के लिए प्रयास जारी रहे। वहीं असंतुष्ट खेमे के पार्षदों ने मुख्यमंत्री के ओएसडी रहे रॉकी मित्तल के घर पहुंच कर नाश्ता किया व एकजुटता का संकल्प दोहराया। डीसी द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को लेकर तिथि निर्धारित न किए जाने के कारण विरोधी खेमे के पार्षदों ने हाईकोर्ट जाने का फैसला कर लिया है। वे एक-दो दिन में हाईकोर्ट जा सकते हैं।
सुबह रॉकी मित्तल के घर पहुंचे पार्षदों ने फिर एकजुटता का संकल्प लिया। रविवार को भाजपा द्वारा गठित 9 सदस्यीय कमेटी ने रॉकी मित्तल से मध्यस्थता की अपील की थी। रॉकी के भाई पार्षद नरेश मित्तल भी विरोधी खेमे में हैं। रॉकी मित्तल ने असंतुष्ट पार्षदों की बात सुनने का आश्वासन लेते हुए बातचीत करने की बात कही थी।
इसी के चलते असंतुष्ट पार्षदों का खेमा सोमवार सुबह रॉकी मित्तल के घर जा पहुंचा कि कहीं उनके भाई पर दबाव डालकर चेयरमैन खेमे में शामिल न कर दिया जाए। रॉकी मित्तल के घर पहुंचने वालों में पार्षद संतोष भोला के प्रतिनिधि धर्मबीर भोला, पार्षद कुलदीप सैनी, पार्षद पूजा अग्रवाल के प्रतिनिधि भीमसैन अग्रवाल, रॉकी मित्तल के भाई सुरेश मित्तल, महेंद्र थरेजा के पुत्र, पार्षद संजय गर्ग, पार्षद सीमा कश्यप के पिता सुरेश कश्यप मौजूद थे। पार्षद प्रतिनिधि एडवोकेट धर्मबीर भोला ने कहा कि वे किसी तरह का दबाव नहीं सहेंगे। अपनी मांग पर सभी एकजुट हैं। सरकार से यही मांग है कि हर हाल में चेयरमैन बदला जाए।
विधायक ने साधा संपर्क, मनाने का प्रयास किया
विधायक कुलवंत बाजीगर ने माता मंदिर में पहुंच कर असंतुष्ट पार्षदों के कुछ प्रतिनिधियों को बुलाकर मामले में बातचीत की और इस विवाद का हल निकालने का प्रयास किया। लेकिन उन्हें असंतुष्ट पार्षदों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक यशपाल प्रजापति को नहीं हटाया जाता, तब तक वे किसी भी सूरत में मानने वाले नहीं हैं। जिस पर विधायक ने कहा कि वे सरकार तक उनकी बात पहुंचा देंगे।
सत्ता पक्ष ने किया असंतुष्ट पार्षदों से संपर्क : वहीं सूत्रों ने बताया कि सत्ता पक्ष ने असंतुष्ट पार्षदों से संपर्क किया। सत्ता पक्ष के एक नेता ने कहा कि यदि फ्लोर टेस्ट होता है तो यशपाल प्रजापति ही जीतेंगे। सत्तापक्ष का कहना है कि सरकार व संगठन का फैसला है कि यशपाल प्रजापति ही हर हाल में चेयरमैन रहेंगे।
हाईकोर्ट में जा सकते हैं पार्षद : असंतुष्ट पार्षद नरेश मित्तल ने कहा कि यदि शीघ्र ही डीसी ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए समय नहीं दिया तो पार्षद हाईकोर्ट जा सकते हैं। उनके संपर्क में सत्ता पक्ष के कई पार्षद ओर हैं।
जिले के कई भाजपा नेताओं के लिए गले की हड्डी बना प्रजापति का मामला
जिले में कई भाजपा नेताओं के लिए यशपाल प्रजापति की चेयरमैनी का मामला न निगलते बन रहा और न ही उगलते। क्योंकि वे यदि पूरी लगन व मेहनत से यशपाल प्रजापति को जितवाने का काम करेंगे तो जीतने पर यशपाल प्रजापति एक तरह से हीरो बनकर उभरेंगे। इस जीत के बाद वे कई जिला भाजपा नेताओं को पीछे छोड़ देंगे। वहीं यदि वे हार जाते हैं तो कैथल नगर परिषद प्रशासन में भारतीय जनता पार्टी का बड़ा नुकसान होगा। साथ ही यहां से विधायक एवं कांग्रेसी नेता रणदीप सुरजेवाला के गुट का वर्चस्व बढ़ जाएगा। लेकिन कोई भी भाजपा नेता यह नहीं चाहेगा कि कांग्रेस का दबदबा शहर की सरकार में बढ़े।
भाजपा के बड़े नेताओं का दौरा टला
सोमवार को भाजपा के बड़े नेता को इस मामले में कैथल का दौरा करना था। लेकिन असंतुष्ट पार्षदों द्वारा कोई आश्वासन न मिलने के कारण इस नेता का दौरा रद्द हो गया। भाजपा नेताओं के अनुसार अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के प्रदेश में रोहतक प्रवास के चलते 4 अगस्त तक इस मामले में कुछ ज्यादा घटनाक्रम होने की उम्मीद कम ही है। अब 4 अगस्त के बाद ही मामले में कुछ हो सकता है।