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शहर में नहीं मिल रहे 7000 परिवार

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शहर में लगभग 7000 परिवार ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। नगर परिषद द्वारा बनाए जा रहे फैमिली आईडी यानी परिवार पहचान पत्र योजना में अभी तक करीब 25000 परिवार ही ढूंढे जा सके हैं, जबकि खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा लगभग 32000 राशन कार्ड बनाए गए हैं। राशन कार्ड और पहचान पत्र के लिए सामने आए परिवारों की संख्या में करीब 7000 का अंतर है। सरकार के निर्देश है कि इस अंतर को पूरा कर शीघ्र शहर के सभी परिवारों की फैमिली आईडी बनाई जाएं।
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ईओ कैथल नगर परिषद अशोक कुमार ने बताया कि बीएलओ द्वारा शहर में वार्ड वार्ड घर-घर जाकर सर्वे किया जा चुका है। जिसमें प्रत्येक घर का की फैमिली आईडी बनाई गई है। लेकिन अभी भी करीब 7000 परिवार ऐसे हैं, जिनकी फैमिली आईडी बनानी है। खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा लगभग 32,000 राशन कार्ड बनाए गए हैं और नगर परिषद द्वारा करीब 25000 फैमिली आईडी बनाई जा चुकी हैं। जो शेष लगभग 7000 फैमिली आईडी हैं, उन्हें बनाने के लिए बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है। अब 25 जुलाई और 26 जुलाई को अपने बूथ पर बैठकर फैमिली आईडी बनाएंगे। शहर के लोगों से अपील है कि जिन परिवारों की फैमिली आईडी नहीं बनी है, वह परिवार शनिवार के अलावा रविवार को भी अपने बूथ पर जाकर फैमिली आईडी बनवाएं। उन्होंने कहा कि इस फैमिली आईडी से भविष्य में अनेकों योजनाएं जोड़ी जा सकती हैं। इसके बाद जो परिवार फैमिली आईडी से जुड़ा होगा उसे ही कई तरह की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा, इसलिए शहर के लोगों से अपील है कि वह अपनी फैमिली आईडी बनवाएं। ताकि वे किसी प्रकार की सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधा से वंचित ना रहें।
फैमिली आईडी बनाने के लिए बीएलओ शनिवार को बूथों पर बैठे। लेकिन लोगों का रिस्पॉंस ढीला रहा। ईओ अशोक कुमार, इलेक्शन तहसीलदार शमशेर सिंह सहित अन्य ने बूथों का दौरा किया। ओम प्रभा जैन मॉडल स्कूल के बीएलओ हाशियार सिंह, बालकिशन, पुष्पा, संदीप कुमार व शिवानी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान यह प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसमें पूरे परिवार के आधार कार्ड लेकर उससे एक संयुक्त आईडी बनाने का काम किया जा रहा है। जो भविष्य में इसी आईडी से व्यक्ति की पहचान की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में लगभग 8 हजार व्यक्ति यह आईडी बनवाए बिना रह गए हैं। उनके लिए ही यह दोबारा प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि वह बीते दिन घर घर जाकर उन्होंने यह आईडी बनाई है। लेकिन अब उनकी ड्यूटी विशेष क्षेत्र में लगाई गई है। ताकि बूथ वाइज कोई भी व्यक्ति यहां आकर आईडी बनवा सकता है।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आईडी बना रहे बीएलओ राजेंद्र सिंह, विनोद कुमार, महेंद्र सिंह व ज्योति ने बताया कि उनके पास केवल पांच ही फार्म आईडी बनाने के लिए आए हैं। उन्होंने बताया कि बीपीएल परिवार के लोग तो आईडी बनाने के लिए उत्सुक है। लेकिन पढ़े लिखे लोग आईडी बनाने के लिए आधार कार्ड व अन्य जरूरी कागजात देने से इंकार कर रहे है। वह सुबह 10 बजे से ही आईडी बनाने के लिए स्कूल में पहुंच गए थे।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भी फैमिली आईडी बनाने का काम जारी है। बीएलओ सुशील कुमार, रोशन लाल व मोनू मलिक ने बताया कि वह पहले घर घर जाकर आईडी बनाने का काम किया। लेकिन अब उनकी ड्यूटी स्कूल में लगाई गई है। ताकि बूथ के लोग यहीं पर आकर आईडी बनवाए। उनके पास लगभग 15 फैमिली आईडी के लिए आवेदन आ चुके हैं।
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