संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। कृषि विभाग और गुहला प्रशासन के लाख प्रयासों के बावजूद कुछ किसान धान की फसल के अवशेषों में आग लगाने से बाज नहीं आ रहे। ऐसे किसानों के खिलाफ अब गुुहला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए है।
कृषि विभाग की एसडीओ कंचन कुमार ने बताया कि गुहला ब्लाक में धान के अवशेष जलाने के 42 मामले सामने आए हैं। अवशेष में आग लगाने वाले 28 किसानों से विभाग ने 70 हजार रुपये बतौर जुर्माना वसूला है।
एसडीओ डॉ. कंचन कुमारी ने अधिकारियों के साथ आज हलके के चीका, हरिगढ़ किंगन, भागल, भूसला, सरकपुर, बुढनपुर, रत्ताखेड़ा घड़ाम, सिहाली, पपराला, बोपुर, डंडोता, बदसुई व कल्लर माजरा में फ्लैग मार्च निकाला और किसानों को फसल अवशेषों में आग ना लगाने को लेकर जागरूक किया।
डॉ. कंचन कुमारी ने कहा कि फसली अवशेषों में आग लगाने से किसान जमीन की उर्वरक शक्ति को तो नष्ट कर ही रहे हैं साथ ही पर्यावरण को भी दूषित कर रहे हैं। इससे लोगों को दिक्कतें होती हैं।
उन्होंने कहा कि किसान सुपर सीडर की मदद से फसल अवशेषों के प्रबंधन के साथ साथ गेहूं की बुवाई भी कर सकते है। उन्होंने कहा कि पराली का प्रबंधन करने पर सरकार की तरफ एक हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान अवशेषों में आग लगाते पाया जाता है तो उसके खिलाफ जुर्माना व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर तहसीलदार मनजीत मलिक, कृषि विषय विशेषज्ञ डॉ. ईश्वर सिंह, सचिन पंवार, सब इंस्पेक्टर शक्ति सिंह भी मौजूद रहे।