सर्वसम्मति से हुआ हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान पद का चुनाव
जगदीश सिंह झींडा आजीवन प्रधान, दीदार सिंह नलवी को कार्यकारी प्रधान की जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने निवर्तमान प्रधान जगदीश सिंह झींडा को अपना आजीवन प्रधान बनाया है। गंभीर बीमारी के चलते जगदीश सिंह झींडा ने पिछले माह अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद प्रधान पद के चुनाव के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। बुधवार को चार सदस्यों में से किसी एक को प्रधान चुना जाना था। लेकिन बैठक में सर्वसम्मति से जगदीश सिंह झींडा को ही एचएसजीएमसी का आजीवन प्रधान चुन लिया गया।
झींडा ने दे दिया था इस्तीफा : जगदीश सिंह झींडा ने पिछले माह अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसमें स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया था। इसके बाद कन्वीनर बनाए गए चन्नदीप सिंह खुराना की देखरेख में चुनाव प्रक्रिया भी शुरू हुई थी। तीन उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने के बाद मैदान में चार प्रत्याशी बचे थे। इन्हीं चारों में से किसी एक पर सर्वसम्मति के लिए चार घंटे तक बंद कमरे में खूब लंबी बैठक चली। बैठक के बाद जब सदस्य बाहर निकले तो संत बलजीत सिंह दादूवाल ने एलान किया कि हरियाणा कमेटी को बनाने में चूंकि जगदीश सिंह झींडा का संघर्ष सबसे ज्यादा है, इसलिए सभी सदस्यों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उन्हें आजीवन प्रधान बनाए रखने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी बताया कि वरिष्ठ उपप्रधान दीदार सिंह नलवी को एक्टिंग प्रधान की जिम्मेदारी दी गई है।
चार थे प्रधानगी की दौड़ में : 10 फरवरी से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया के दौरान हालांकि शुरू में 7 प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन दाखिल किए थे, मगर इनमें से 3 द्वारा अपने पर्चे वापस लेने के बाद दीदार सिंह नलवी, जोगा सिंह, करनैल सिंह निमनाबाद व जसबीर सिंह खालसा सहित कुल चार प्रत्याशी मैदान में खड़े थे। चन्नदीप सिंह पहले दिन से सर्वसम्मति पर जोर दे रहे थे और बुधवार को भी बैठक शुरू होने से पहले उन्होंने दोहराया कि जहां तक बस चला वोटिंग की नौबत नहीं आने दी जाएगी। प्रधान का चयन आम सहमति से ही होगा।
2014 में हुआ था गठन : हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) का गठन 25 जुलाई 2014 को हुआ था तथा इसके कुल 41 सदस्य बनाए गए थे। जगदीश सिंह झींडा की अगुवाई में एक एडहाक कमेटी का गठन हुआ था। एसजीपीसी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चले जाने के बाद तब चुनी गई वही एडहाक कमेटी लगातार काम करती रही। पिछले साल झींडा की बीमारी और फिर इस्तीफे के बाद नए प्रधान के चुनाव की नौबत आई थी। 41 सदस्यों में से एक के त्यागपत्र दे देने और एक की मृत्यु हो जाने के बाद कुल 39 सदस्य हैं। बुधवार को हुई मीटिंग में 35 सदस्य मौजूद रहे।
झींडा के सम्मान के लिए उठाया कदम : मीटिंग के बाद पत्रकारों व आम संगत से बातचीत करते हुए प्रमुख सिख संत एवं हरियाणा कमेटी के वरिष्ठ सदस्य बाबा बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि हरियाणा कमेटी बनाने के लिए चले संघर्ष में जगदीश सिंह झींडा का योगदान है। उन्होंने बताया कि सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है कि सारी चुनाव प्रक्रिया को दरकिनार करके झींडा को ही आखिरी सांस तक प्रधान बनाए रखना चाहिए। यह झींडा के संघर्ष को सम्मान देने जैसा होगा।
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