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नगर परिषद ने रात्रि सेवा में लगाए गए 46 कर्मचारियों से करवाई सफाई

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सफाई निरीक्षक बोले- कर्मचारी खुद लौटे काम पर, कर्मचारी बोले- झूठ बोल रहे, हमारी हड़ताल जारी
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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था प्रभावित, 46 नए कर्मचारियों की नियुक्ति के विरोध में हड़ताल पर हैं नियमित कर्मचारी
उधर, नगर परिषद ने रात्रि सेवा में लगाए गए 46 कर्मचारियों से करवाई सफाई, डोर टू डोर कचरे का नहीं हो पाया उठान
फोटो नंबर-17
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद द्वारा पिछले वर्ष हटाए गए 140 सफाई कर्मचारियों के समर्थन में तीन दिन के लिए शुरू की गई हड़ताल दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रही। जिस कारण शहर के अधिकतर इलाकों में सफाई व्यवस्था ठप रही। वहीं हड़ताल के दूसरे दिन नप की ओर से रात्रि सेवा में लगाए गए 46 कर्मचारियों से सफाई करवाई गई।
उधर, सफाई निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने कहा कि सभी सफाई कर्मचारी मंगलवार को अपने-अपने काम पर लौट आए हैं। जबकि नगर पालिका सफाई कर्मचारी के ब्लाक प्रधान रामशरण कल्याण ने कहा कि मुख्य सफाई निरीक्षक सरेआम झूठ बोल रहे हैं। एक भी सफाई कर्मचारी काम पर नहीं लौटा है। हमारी हड़ताल तीन दिन की है। जो मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही।
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दूसरे दिन भी नहीं हो सका डोर टू डोर कचरे का उठान : सफाई कर्मचारियों के हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को भी कचरे का उठान नहीं हो सका है। हालांकि नप की रात्रि कालीन सेवा के तहत लगे सभी 46 कर्मचारी पूरा दिन शहर में सफाई करते दिखाई दिए। शहरवासी रिंकू ने बताया कि दो दिन से कचरा उठान का कार्य पूरी तरह से बंद हो चुका है। जिससे काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वहीं महिला रोशनी देवी ने कहा कि कचरे के उठान न होने से उन्हें काफी परेशानियां हुईं। कचरा उठान न होने से घरों से गंदगी नहीं निकल पा रही है। वहीं मोहल्लों में गंदगी का आलम बन चुका है।
यह है विवाद : पिछले साल नगर परिषद द्वारा 140 कर्मचारी हटाए गए थे, जो ठेका प्रथा के तहत यहां लगाए हुए थे। इन कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया था कि जब भी नई भर्ती होगी, उन्हें मौका दिया जाएगा। अब नगर परिषद द्वारा रात्रिकालीन सफाई कार्य के लिए 46 कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही है। जिसमें नए कर्मचारियों को काम पर लिया गया है। पुराने कर्मचारियों के समर्थन में नियमित कर्मचारी भी आंदोलन पर उतारू हो गए हैं और उनकी मांग है कि पहले पुराने हटाए गए कर्मचारियों को समायोजित किया जाए। इसके बाद ही नई भर्ती होनी चाहिए। इस मांग को लेकर सफाई कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर हैं।
ईओ अशोक भारती ने कहा कि कर्मचारियों से बात की गई थी। उनके यूनियन नेताओं को बुधवार को चंडीगढ़ भेजा जाएगा। जहां वे मंत्री से प्रार्थना कर सकते हैं कि उन्हें काम पर लिया जाए। मंगलवार को हड़ताल जारी थी।

बंद सीवर खुलवाने की मांग को लेकर लगाया जाम
फोटो संख्या-24
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। प्रताप गेट स्थित अंबकेश्वर कॉलोनी में कई दिनों से लगातार सीवरेज ब्लॉकेज के विरोध में लोगों का गुस्सा भड़क उठा और लोगों ने एकत्रित होकर सड़क पर जाम लगा दिया। थाना शहर प्रभारी ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। उनके आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोला।
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लोगों ने कहा कि कॉलोनी में कालोनी में कई दिनों से सीवर ओवरफ्लो हैं। जिससे सड़कों पर गंदगी फैली हुई है। साथ ही सीवरेज से उठने वाली बदबू के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द बंद पड़े सीवरेज खुलवाए जाएं। करीब एक घंटे तक लगे जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गई। लोगों ने आने दोपहिया व तिपहिया वाहन सड़क के बीचों-बीच खड़े कर दिए। साथ ही सड़क पर बीचों-बीच बैठ गए। सूचना मिलने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पहुंचे और उन्होंने शीघ्र सीवर खोलने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोगों ने जाम खोला। सीवरेज के कारण शहरवासी बाल कृष्ण, बलिंद्र सिंह, रोहताश, प्रवीन कुमार, अनिल, बाला देवी, माया व सुनीता ने कहा कि उन्हें सीवरेज बंद होने के कारण काफी दिक्कतें हैं।
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