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घग्गर नदी में गंदा पानी छोड़ने पर 27 गांवों को नोटिस जारी

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घग्गर नदी में गंदा पानी छोड़ने पर 27 गांवों को नोटिस जारी
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- सिंचाई विभाग के सर्वे के बाद प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने जारी किए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में गांवों के लिए नोटिस
- जिला पंचायत एवं विकास विभाग ने बुलाई सोमवार को बैठक, घग्गर में पानी न छोड़ने के लिए बनाई जाएगी रणनीति
- सिंचाई विभाग ने अलग से गांवों को भी नोटिस भेजे, जहां प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर घग्गर नदी में पानी डाला जा रहा है, उसे तुरंत प्रभाव से रोकने के निर्देश
फोटो संख्या-33
नसीब सैनी
कैथल। एनजीटी के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिले में 27 गांवों को नोटिस जारी किया है। जहां से घग्गर नदी में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर गंदा पानी डाला जा रहा है। बोर्ड द्वारा जिला विकास एवं पंचायत विभाग कार्यालय में ये नोटिस भेजे हैं। जिसमें तुरंत प्रभाव से घग्गर नदी में गंदा पानी डालना बंद करने को कहा गया है। वहीं सिंचाई विभाग ने अलग से 27 गांवों को नोटिस भेजकर यह पानी रोकने के लिए कहा है। इस संबंध में डीडीपीओ कार्यालय द्वारा सोमवार को पंजाब बॉर्डर पर स्थित चीका के उन गांवों के सरपंचों की मीटिंग बुलाई गई है।
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एनजीटी ने जारी किए हैं निर्देश, हरियाणा में लोकायुक्त द्वारा गठित की गई है स्टेट टॉस्क फोर्स : सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एनजीटी द्वारा पूरे प्रदेश में नदियों में गंदा पानी डालने से रोकने के लिए निर्देश जारी किए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पत्र के बद सिंचाई विभाग द्वारा जिले में घग्गर नदी को लेकर सर्वे किया गया। जिसमें 27 गांव ऐसे पाए गए, जहां से सीधा या फिर किसी ड्रेन व नाले के माध्यम से घग्गर नदी में गंदा पानी डाला जा रहा है। इसके बाद यह सूची बोर्ड को भेजी गई। बोर्ड ने सूची में शामिल गांवों के लिए डीडीपीओ कार्यालय में नोटिस भेजा है और पानी डालने को नियमों के विरुद्ध बताया है।
जिला विकास एवं पंचायत विभाग ने बुलाई बैठक : इस संबंध में जिला विकास एवं पंचायत विभाग ने सोमवार 7 जनवरी को गुहला क्षेत्र के उन गांवों की बैठक बुलाई है। जिनका नाम घग्गर नदी में पानी डालने वाली सूची में आया है। इसके बाद सीवन ब्लॉक व बाद में कैथल ब्लॉक के 6 गांवों की बैठक बुलाई जाएगी। जहां से ड्रेनों के माध्यम से गंदा पानी अंतत: घग्गर नदी में जा रहा है।
पंजाब व हरियाणा सीमा में कई गांवों से होकर निकलती है घग्गर नदी : घग्गर नदी जिले में पंजाब के पटियाला सीमा से प्रवेश करती है। यह दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित गांवों में कभी हरियाणा तो कभी पंजाब के गांवों के क्षेत्र से गुजरते हुए आगे राजस्थान तक जाती है। बरसाती नदी होने के चलते बारिश के दिनों में इसमें हजारों क्यूसेक पानी निकलता है। नदी के कारण गुहला क्षेत्र में कई बार भयंकर बाढ़ आ चुकी हैं।
इन गांवों का गंदा पानी पहुंचता है घग्गर नदी में : जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सिहाली, पपराला, कसौली, मैंगड़ा, सुगलपुर, डंडौता, रत्ताखेड़ा लुकमान, भाटियां, लालपुर, हेमू माजरा, थेहबिर्थ, बुबुकपुर, नंदगढ़, गुहला, सलेमपुर, डेरा खोली प्लाट, चीका, डेरा सिंह, खौजी डेरा, ककराला कुच्चियां, कांगथली, ककल्डी, हरनौला, सैर, जोडवा,चंडीगढ़ प्लाट, खंभेड़ा, कुतुबपुर, गुहणा, खानपुर, सिरटा, माघो माजरी व मानस गांवों के लिए नोटिस भेजा है कि यहां नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
हर माह लिए जा रहे हैं बोर्ड द्वारा घग्गर नदी के पानी के सैंपल : सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता एससी मित्तल ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पत्र मिला था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने सर्वे किया था। जिसमें 27 गांवों की पहचान हुई थी, जहां से घग्गर नदी में पानी डाला जा रहा है। इसके बाद इन गांवों को विभाग की ओर से भी नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में लोकायुक्त के निर्देश पर नदियों में गंदा पानी डालने से रोकने के लिए स्टेट टास्क फोर्स भी गठित की है। जो समय-समय पर इस संबंध में निर्देश जारी कर रही है। बोर्ड द्वारा घग्गर नदी से हर माह पान के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। एनजीटी के निर्देशों को किसी भी स्तर पर हलके में नहीं लिया जा सकता। इस नदी में गंदा पानी डालना बंद किया जाएगा।
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डीडीपीओ कंवर दमन सिंह ने कहा कि बोर्ड के निर्देश मिले हैं। इसके तहत संबंधित ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि वे नदी में पानी न डालें। संबंधित ग्राम पंचायतों में बैठक करके बोर्ड के निर्देशों के अनुसार गंदा पानी डालने से रोका जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जोनल ऑफिसर विनोद गौतम ने बताया कि इन गांवों में निर्देश जारी किए गए हैं कि वे घग्गर नदी में गंदा पानी न डालें।
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