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डीसी को अविश्वास प्रस्ताव की मांग का ज्ञापन देकर भारत भ्रमण पर निकले चीका नगर पालिका के 17 में से 12 पार्षद

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डीसी को अविश्वास प्रस्ताव की मांग का ज्ञापन देकर भारत भ्रमण पर निकले 12 पार्षद
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चीका नगर पालिका में अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी, डीसी से मिले 7 पार्षद, पत्र पर 10 के हस्ताक्षर, दावा 13 के समर्थन का
एसडीएम गुहला ने एक ही दिन में दे दी अविश्वास प्रस्ताव की तिथि
26 को आएगा अविश्वास प्रस्ताव, प्रशासन ने शुरू की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। नगर पालिका चीका की चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा के खिलाफ अब अविश्वास प्रस्ताव की मांग करते हुए 7 पार्षदों ने डीसी को ज्ञापन सौंपा। डीसी ने एसडीएम की ड्यूटी लगाई तो एसडीएम ने एक ही दिन में अविश्वास प्रस्ताव के लिए 26 सितंबर की तिथि निर्धारित कर दी है।
चेयरपर्सन बनने के बाद से ही विधायक कुलवंत बाजीगर खेमे के पार्षदों के साथ काम को जूझ रही अमनदीप शर्मा को हटाने की कोशिशें नई नहीं है, मगर इस बार प्रतिपक्ष बाकायदा डीसी कैथल से मिलकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की तारीख की मांग की और करीब 12 पार्षद भारत भ्रमण पर निकल गए हैं। विपक्षी पार्षदों की अगुवाई कर रहे वार्ड 8 के एमसी शीश पाल जिंदल ने कहा कि चाहे जितने दिन निकल जाएं अब लौटेंगे उसी दिन, जिस दिन अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। उधर, पालिका चेयरपर्सन ने कहा कि विपक्ष के दावों में कोई दम नहीं। उनके समर्थक पार्षद उनके साथ हैं तथा अविश्वास प्रस्ताव किसी भी सूरत में पास नहीं हो पाएगा।
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26 को आएगा अविश्वास प्रस्ताव : सोमवार सुबह 7 पार्षद डीसी धर्मवीर सिंह को लघु सचिवालय में मिले और 10 पार्षदों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन उन्हें सौंपा और चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की। कैथल से अविश्वास प्रस्ताव वाला पत्र फारवर्ड होकर शाम को एसडीएम गुहला के पास पहुंचा तो उन्होंने इसके लिए 26 सितंबर की तारीख तय कर दी। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि नगर पालिका सभागार में आगामी 26 सितंबर को होने वाली मीटिंग के लिए तमाम संबंधित पक्षों को पत्र लिखने की कार्रवाई की जा रही है।
डीसी से मिले 7 पार्षद, हस्ताक्षर 10 के : डीसी कैथल को अविश्वास प्रस्ताव संबंधी अर्जी देने गए पार्षदों की संख्या केवल 7 थी। जो अर्जी दी गई उस पर 10 पार्षदों के हस्ताक्षर हैं पर विपक्ष अपने साथ कुल 13 पार्षदों का समर्थन होने का दावा कर रहा है। 17 पार्षदों वाली नगर पालिका चीका में इस लिहाज से सत्ता पक्ष के पास चेयरपर्सन समेत कुल 4 पार्षदों का समर्थन बचता है। पार्षद शीश पाल जिंदल ने कहा कि भारत भ्रमण पर वे सभी 13 के 13 पार्षद गए हैं जिन्होंने डीसी कैथल को अविश्वास प्रस्ताव संबंधी पत्र के साथ एफीडेविट दिए हैं।
...फिर देखेंगे किसको बनाएं : अगर विपक्ष के मंसूबे कामयाब हो गए और सदन में अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया तो प्रधानगी का ताज किसके सिर पर सजेगा, इस सवाल का जवाब किसी भी विपक्षी पार्षद ने सीधे तौर पर नहीं दिया। काबिले जिक्र है कि पूर्व चेयरमैन तरसेम गोयल की पुत्र वधू शिवाली गोयल और सामाजिक कार्यकर्ता निर्भय सिंह औलख की पत्नी रणजीत कौर शुरू से ही चेयरपर्सन पद के लिए दावा करती रही हैं। पूर्व चेयरमैन तरसेम गोयल ने कहा कि पहला काम तो मौजूदा चेयरपर्सन को हटाना है। इसमें कामयाब होने दीजिए। बाद में मिल बैठकर तय कर लेंगे कि किसे चेयरपर्सन बनाएं।
विधायक बोले तटस्थ हूं मैं : विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि नगर पालिका में चल रही राजनीतिक गतिविधियों से उनका कोई वास्ता नहीं है। पार्षद जो भी कर रहे हैं अपने तौर पर कर रहे हैं। बाजीगर ने कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा गुहला का विकास करना है। अध्यक्ष अमनदीप को भी वे सरकार से खूब ग्रांट लाकर दे चुके हैं। कल को कोई और प्रधान बनता है तो उसको भी वे सरकार से पैसा लाकर देंगे ताकि पालिका क्षेत्र में विकास की गंगा बहाई जा सके।

हमारे अपने पार्षद तो हमारे साथ हैं ही, विपक्ष के भी कुछ पार्षद हमारे संपर्क में हैं। आने दीजिए अविश्वास प्रस्ताव, औंधे मुंह गिरेगा।’
अमनदीप शर्मा, अध्यक्षा, नगर पालिका चीका

इन पार्षदों के थे अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर : डीसी को सौंपे पत्र में वार्ड 2 से समता शर्मा, 5 से गुरजीत कौर, वार्ड 6 से विजय कुमार, 7 से शीशपाल जिंदल, 9 से राजेश कुमार, 10 से गुरजंट सिंह, 14 से रणजीत कौर, 15 से प्रवीण कुमार व 16 से शिवाली के हस्ताक्षर थे। जबकि 13 सीमा रानी, 8 से पवन कुमार 4 से नीतू का नाम भी लिखा हुआ था, लेकिन उनके हस्ताक्षर नहीं थे।

चेयरपर्सन बनने के बाद से ही विधायक व राजेश पिंटू के बीच 36 का आंकड़ा : जुलाई 2016 में चेयरपर्सन बनीं अमनदीप कौर की कुर्सी को लेकर विधायक कुलवंत बाजीगर व उनके पति राजेश पिंटू के बीच 36 का आंकड़ा रहा है। कल्लरमाजरा के निकट नगर पालिका की जमीन में बनाए जा रहे सामुदायिक केंद्र से विवाद खुलकर शुरू हुआ। पार्षद दो पक्षों में बंटे हुए हैं। हालांकि बीच में जिलास्तरीय भाजपा नेताओं ने दोनों का समझौता भी करवाया। लेकिन यह ज्यादा दिन नहीं चल सका। अब विधायक खेमे के पार्षदों के गुट ने पिंटू खेमे के पार्षदों में सेंध लगाने का दावा किया है। अब देखना है कि 26 सितंबर को ऊंट किस करवट बैठता है।
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जिले में अधिकतर शहरी सरकारों का हो चुका है विरोध : जिले में कैथल नगर परिषद के चेयरमैन के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में भाजपा कांग्रेस से हार का सामना कर चुकी है। राजौंद में नगर पालिका चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के बीच विवाद जगजाहिर था। अविश्वास प्रस्ताव की मांग हुई, लेकिन यह लाया नहीं गया। नगर पालिका कलायत में पार्षदों का चुनाव हुए दो माह से ऊपर का समय हो गया है। अभी तक चेयरमैन नहीं बन सका है। अब देखना है कि गुहला-चीका में भाजपा ही भाजपा से हारती है या फिर संगठन इस बार कुछ स्टैंड लेकर भाजपा से ही हार की बजाए जीत बनाए रखता है। क्योंकि पिंटू ग्रुप भी भाजपा से जुड़ा है। कुलवंत बाजीगर तो हैं ही जिले में एकमात्र भाजपा विधायक।
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