कभी अकाली तो कभी इनेलो के हाथों खेल रहे हैं झींडा : नलवी
- हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी में प्रधान जगदीश सिंह झींडा के खिलाफ बढ़ा असंतोष
- उपाध्यक्ष वरिष्ठ दीदार सिंह नलवी, प्रबंधक समिति के 5 कार्यकारिणी सदस्य व 3 अन्य सदस्यों ने की कैथल में बैठक
फोटो नंबर-03 व 04
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्यों की बैठक बुधवार को मंजी साहिब गुरुद्वारा में हुई। जिसकी अध्यक्षता सुरजीत सिंह एडवोकेट ने की। बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों ने कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया। बैठक में कमेटी के वरिष्ठ उप प्रधान दीदार सिंह नलवी विशेष रूप से मौजूद रहे।
नलवी ने कहा कि झींडा अपने राजनीतिक फायदों के लिए कमेटी के सदस्यों से किनारा कर रहेे हैं। वे कभी भाजपा की शरण में जाते, कभी अकाली तो कभी इनेलो की शरण, वह भी केवल अपने राजनीतिक पद के लिए। इसी कारणों से पिछले चार वर्षों से हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के हित में कोई कार्य नहीं किया। यही कारण है कि हरियाणा के गुरुद्वारों की गुल्लकों का रुपया पंजाब में जा रहा है। वे पिछले चार वर्षोें में एक बार भी कमेटी की कार्यकारिणी को गुरुद्वारों की गुल्लकों का हिसाब नहीं दे पाए है। वह गुरुद्वारों में घाटे का बहाना बनाकर हिसाब बताने से बच रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जिन गुरुद्वारा के पास 700 से 800 एकड़ की जमीन हो वहां भला घाटा कैसे हो जाएगा। यदि झींडा ने जल्द ही हरियाणा के गुरुद्वारा के बजट के बारे कमेटी के सदस्यों की पूरा ब्योरा नहीं दिया तो वे झींडा के खिलाफ कमेटी के सदस्य हाईकोर्ट में जांएगे। नलवी ने कहा कि झींडा ने अकाली दल की 19 अगस्त रैली के साथ ही एचजीएसपीसी की रैली करने का एलान किया था। लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर राष्ट्रीय शोक का बहाना बना इसे रद्द कर दिया। लेकिन सच्चाई यह है कि उनके साथ हरियाणा का एक भी सिख नहीं है, जिसके सहयोग से वे रैली कर सकते। दूसरा अंदरखानेे उनका अकाली दल के साथ होना भी इस बात का प्रमाण है।
नलवी ने अकाली दल की ओर से हरियाणा में चुनाव लड़ने पर कहा कि अकाली दल हरियाणा के सिखों को विधायक व सांसद का लालच देकर उनके साथ साजिश रचने का कार्य करना चाहती है। कार्यकारिणी सदस्य जसबीर सिंह भट्टी ने कहा कि झींडा पिछले चार वर्षों में हरियाणा के गुरुद्वारा के लिए कुछ भी नहीं कर सके है। वे केवल एक अखबारी नेता हैं। उन्होंने राजनैतिक स्वार्थ के लिए एक झूठी पार्टी भी बनाई जिससे वे हरियाणा के सिखों के सहारे अपना राजनैतिक अस्तित्व बनाना चाहते हैं। इस मौके पर मोहनजीत सिंह पानीपत, चिम्मो रतिया, बलदेव सिंह बल्ली, निरवैर सिह अंसध, करनैल सिह शाहबाद आदि मौजूद रहे।
कार्यकारिणी में भी विश्वास हासिल नहीं है झींडा को : नलवी ने कहा कि जगदीश सिंह झींडा को एचएसजीएमसी में भी विश्वास हासिल नहीं हैं। अधिकतर सदस्य उनके खिलाफ हो गए हैं। कार्यकारिणी के ही पांच सदस्य खुलकर उनके विरोध में आ गए हैं। शेष भी उनके खिलाफ आवाज उठा सकते हैं।
बादल के हाथों खेल रहे हैं नलवी : इन आरोपों पर जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि जब आदमी बुजुर्ग हो जाते हैं। तभी ऐसी बातें करते हैं। हिसाब प्रधान को नहीं बल्कि महासचिव को देना होता है। हिसाब-किताब बैठक में ये खुद नहीं आते। घर बैठे कौन से हिसाब की बात होती है। रही बात इनेलो, भाजपा या अकाली दल जैसे तीनों से कैसे गठबंधन हो सकता है। नलवी बादल का गुलाम है। वर्ष 2009 से लेकर आज तक बादल के हाथों में खेल रहा है। बादल ने एक ही लाइन पर लगा रखा है कि जगदीश झींडा को हटा दो, जब तक वह प्रधान रहेगा, तब तक हरियाणा में उनकी नहीं चलेगी। पानी व हरियाणा की अलग कमेटी के मुद्दों पर आपसी समर्थन के कारण इनेलो के साथ गैर राजनीतिक समझौता किया है। अकाली दल को शर्म आनी चाहिए कि अटल बिहारी वाजपेयी की मौत के बावजूद रैली की। उनके सम्मान में ही उन्होंने रैली स्थगित की थी। अखबारी नेता वे नहीं सबसे बड़ा नेता नलवी हैं। जो ये 5 के समर्थन की बात कर रहे हैं, उनमें से 3 सदस्य उनके साथ हैं। रैली सदस्यों से पूछकर रखी, रद्द भी उनसे पूछकर ही की है।