अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मंगलवार सुबह करीब सात बजे शुरू हुई रुक-रुक कर दिन भर जारी रही। दिन में दो बजे के बाद शाम को करीब छह बजे फिर से तेज बारिश शुरू हो गई। जो देर रात तक चलती रही। सर्दी के मौसम की पहली बारिश को खरीफ फसलों के लिए लाभदायक माना जा रहा है। मुख्य रुप से गेहूं की फसल में इसका लाभ तो होगा ही, साथ में पाला ना जमने के चलते सब्जियों में भी लाभ रहेगा।
मंगलवार सुबह सात बजे ही हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। जो दिन में 2 बजे तक जारी रही। इस दौरान स्कूली बच्चों को स्कूल आने व जाने में परेशानी हुई। वहीं दिनचर्या के काम भी प्रभावित हुए। दोपहर दो बजे बारिश रुक गई। इसके बाद सांय छह बजे के बाद फिर से तेज बारिश शुरू हो गई। जो देर रात तक जारी रही।
कृषि वैज्ञानिक डा. जसबीरसिंह ने बताया कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए सोने पर सुहागा साबित होगी। इससे गेहूं की फसल में लाभ होगा। साथ ही पाला नहीं जमेगा। जिससे सब्जियों को भी नुकसान नहीं होगा। क्योंकि ज्यादा सर्दी होने पर पाला जमने से सब्जियों की फसल में नुकसान रहने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी बारिश यूं जारी रहने के आसार है। विभाग के कर्मचारी बलबीर ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान में 6.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। जबकि न्यूनतम तापमान अन्य दिन अपेक्षा बराबर रहा। उन्होंने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 15.0 सेल्सियस डिग्री रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री दर्ज किया गया। उसने बताया कि अभी अगले 24 घंटे बारिश जारी रहेगी। अधिकतम तापमान में और अधिक गिरावट होने के आसार है।
रिमझिम बारिश से बढ़ा सर्दी का प्रकोप
सीवन। मंगलवार को कस्बा व आसपास के क्षेत्रों में सुबह से हो रही रिमझिम बारिश से सर्दी का प्रकोप बढ़ गया। अधिकतर लोग सर्दी व बारिश के कारण अपने घरों में ही रहे। किसान सुखवंत सिंह चौधरी, इंद्रजीत मदान, आनंद मुंजाल काकू, मौजी मेहता, रामरत्न सैनी, नरेंद्र सैनी, सुभाष मोंगा फिरोजपुर, भीम मेहता व सुभाष रहेजा का कहना है कि यह बारिश गेहूं की फसल के वरदान बनकर आई है। इससे फसल में लगी बीमारी समाप्त होगी वहीं फसल में फुटाव भी अधिक होगा।
ढांड में मंगलवार को हुई बुंदा बांधी से किसानों को काफी फायदा हुआ है। किसान गुरनाम, जगदीश, नरेंद्र आदि ने बताया कि यह बरसात किसानों के लिये सोना बरसने जैसी हुई है। इससे किसानों की गेहूं की फसल का उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि अब कि बार मौसम गर्म रहा है और धुंध भी कम ही पड़ी है। गर्म मौसम में गेहूं का झाड़ कम बैठता है। किसानों को चिंता सता रही थी कि यदि मौसम में इसी तरह गर्मी चलती रही तो अब कि बार उनकी गेहूं का झाड़ कम बैठेगा। उन्होंने बताया कि मौसम में मार्च तक यदि ठंडक रहती है तो गेहूं का उत्पादन अच्छा होगा। अब जो बरसात हुई है, इससे भी गेहूं के उत्पादन में काफी फायदा होगा।
कलायत में बरसात के कारण बढ़ी ठंडक
गणतंत्र दिवस मनाए जाने वाले मैदान में भरा पानी
कलायत। सुबह से ही चल रही भारी बरसात के कारण मौसम में अचानक ठंड बढ़ गई। पूरा दिन कभी हलकी तो कभी तेज बारिश होती रही। अचानक ठंड के बढ़ जाने से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। बरसात के कारण गणतंत्र दिवस कार्यक्रम पर खतरे के बादल मंडरा गए। प्रशासन ने खंड स्तरीय कार्यक्रम को मनाने के लिए इस बार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर का चयन किया है। बरसात के कारण से स्कूल परिसर में भारी मात्रा में पानी जमा हो गया है जिसके कारण से मंगलवार को होने वाले मास पीटी व डंबल तथा फाइनल रिहर्सल कार्यक्रम हो ही नहीं पाए।
मंगलवार को हुई मौसम की पहली बारिश, सुबह शुरू होकर देर रात्रि तक जारी रही बारिश
करीब 20 एमएम बारिश से खरीफ फसलों में होगा लाभ
अधिकतम तापमान में आई 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट
बारिश से पाला नहीं जमेगा, सब्जियों के लिए भी लाभदायक
ठंड बढ़ी, सर्दी जनित रोग भी बढने की संभावनाएं
फोटो नंबर-6 से 10