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धार्मिक स्थलों पर जाने वाली बसों के बंद होने से धर्मिक संगठनों व कर्मचारियों ने जताया रोष, यात्री परेशान

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धार्मिक स्थलों पर जाने वाली बसों के बंद होने से धर्मिक संगठनों व कर्मचारियों ने जताया रोष, यात्री परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा सरकार के आदेशानुसार परिवहन विभाग की ओर से जिला से दूसरे राज्यों में जाने वाली सीधी बस सेवा को बंद करने के बाद से धार्मिक संगठनों व कर्मचारियों ने रोष जताया है। संगठन के लोगों को कहना है कि अब जिला से लोगों को हरिद्वार, माता वैष्णों देवी धाम व बालाजी जाने के लिए काफी परेशानी होगी। क्योंकि यात्रियों को धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए बसों की अदला बदली करनी पड़ेगी। जिससे समय खराब होगा। इसके साथ ही कर्मचारियों ने भी रोष जाहिर करते हुए सरकार से फैसले को वापिस लेने की मांग है। उन्होंने यह भी कहा है यदि सरकार ने यह फैसला वापिस नहीं लिया तो वे बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
बदलनी पड़ेगी बसें, होगी परेशानी:-धार्मिक संगठन के पदाधिकारी व श्रद्धालु सतपाल गुप्ता ने कहा कि कैथल से जम्मू, हरिद्वार व जयपुर जाने वाली बसों में रोजाना सैंकड़ो यात्री करते हैं। जो अब कैथल से सीधा वैष्णों देवी व हरिद्वार जैसे अन्य धार्मिक स्थलों पर माथा टेकने के लिए जाते है। लेकिन अब उन्हें बसों को बदल बदल कर जाना पड़ेगा।
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अब समय भी लगेगा अधिक:-श्रद्धालु टेक चंद वर्मा ने बताया कि उसके दो से तीन माह के अंदर करीब चार से पांच चक्कर धार्मिक स्थलों पर लगते है। वह माता वैष्णों देवी व हरिद्वार जाता है। अब सरकार ने हरियाणा रोडवेज के अन्य राज्यों में जाने वाली बसों के पहियों को थाम दिया है तो काफी कठिनाई होगी। सीधी बस सेवा से समय की बचत भी होती तो परेशानी भी कोई नहीं होती थी। लेकिन अब बसों के बदलने से समय भी अधिक लगेगा।
रोडवेज कर्मचारियों में रोष:-सर्व कर्मचारी संघ से संबधित रोडवेज कर्मचारी यूनियन के राज्य उप महासचिव जसबीर सिह ने बताया कि सरकार द्वारा अन्य राज्यों में जाने वाली बसों को बंद किए जाने के बाद रोडवेज के कर्मचारियों में गहरा रोष है। उन्होंने बताया कि रोडवेज विभाग को अन्य राज्यों में जाने वाली बसों से काफी मुनाफा होता है। लेकिन सरकार इसके बाद ाी कर्मचारी विरोधी फैसले ले रही है। सरकार को प्रति यात्री रिसिप्ट के हिसाब से 30 से 35 रुपये तक का मुनाफा होता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने यह फैसला वापिस नहीं लिया तो वे आदोलन करने पर मजबूर होंगे।
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घाटे के फैसले बंद करे सरकार:-रोडवेज कर्मचारी संघ के डिपो प्रधान कृष्ण गुलियाणा ने बताया कि अन्य राज्यों में जाने वाली लंबे रुटो की बसों को बंद किए जाने के बाद से कर्मचारी आहत है। उन्होंने बताया कि एक तो रोडवेज पहले ही घाटे से गुजर रही है। दूसरा सरकार और भी घाटे के फैसले लगातार ले रही है। जो न तो कर्मचारियों के हित में और न ही यात्रियों के इससे दोनों को ही परेशानी है।
बोले, अब जिला के लोगों को धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए होना पड़ेगा परेशान,
कर्मचारियों ने भी सरकार से फैसला वापिस लेने की मांग की
फोटो नंबर-17 से 20
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