जीएसटी की मार : मोली से डोली तक हुई महंगी
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। देश में एक वस्तु एक कर व्यवस्था जीएसटी की विवाह-शादियों में जश्न थोड़ा फीका होने लगा है। लोगों को महंगाई की मार के चलते विवाह-शादी के मीनू में खाने की आइटम कम करने के साथ-साथ मेहमानों की लिस्ट पर भी कैंची चलानी पड़ रही है। बैंक्वेट हॉल मालिक बुकिंग का इंतजार कर रहे हैं। करीब 40 प्रतिशत बुकिंग इस बार कम हैं। मौली के धागे से लेकर डोली तक जीएसटी के चलते बजट में कमी नजर आ रही है। कई दूल्हे तो अपनी शादी में बैंड बजवाने से तौबा कर रहे हैं तो कई बिना फोटोग्राफर के काम चला रहे हैं।
मैरिज पैलेसों में 40 प्रतिशत कम हुई बुकिंग : कैथल में बड़े मैरेज पैलेस संचालक अमृत पैलेस के मालिक नितेश कुमार ने बताया कि जीएसटी का ही असर है कि मार्केट में काम कम है। लोग बुकिंग नहीं करवा रहे हैं। जो करवा रहे हैं, उनकी मेहमानों की संख्या कम होने के साथ-साथ मीनू में कमी कर रहे हैं। जो लोग बड़ा पैलेस बुक करना चाहते थे, वे छोटे पैलेसों में जा रहे हैं। जो छोटे पैलेस में जाना चाहते थे, वे घर पर ही टेंट लगाकर विवाह कर रहे हैं। जीएसटी के कारण बुकिंग के रेट में कमी के बावजूद बुकिंग नहीं आ रही हैं। लगभग 40 प्रतिशत बुकिंग इस बार कम हैं।
कैटरिंग के काम पर असर : रामजी कैटरिंग के रिंकू के अनुसार जीएसटी का असर है कि बुकिंग काफी कम आ रही हैं। कैटरिंग पर 18 प्रतिशत टैक्स है। जिस कारण यदि कोई 1 लाख रुपये कार्यक्रम पर खर्च करेगा तो उसका 18 हजार रुपया सीधा बढ़ गया। लोग अपने खर्च में कटौती कर रहे हैं। राशन की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। देशी घी का टीन 4500 से बढ़कर 7200 रुपये हो गया है। इसी प्रकार कई तरह के राशन के दामों में बढ़ोतरी हुई है।
बिना बैंड के होने लगी हैं शादियां : बैंड संयोजक कमल ने बताया कि सरकार द्वारा जीएसटी के लागू किए जाने के बाद से उनके काम काफी प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि जिसके बाद से उन्हें कम रुपयों में अपनी बुकिंग को लेना पड़ रहा है। जीएसटी के बाद उनके काम में 40 प्रतिशत की घटोतरी हुई है। अब हमें 31 हजार रुपये में होने वाले कार्य को 25 हजार रुपये में ही करना पड़ रहा है। बैंड संयोजक संजय ने बताया कि जीएसटी के बाद काम की हालत खस्ता हो चुकी है कि पहले तो बुकिंग कम होती है। दूसरा जो बुकिंग आती है। वह भी घाटे का सौदा बनता जा रहा है। काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
लेबर पर भी जीएसटी लगने से फोटोग्राफर का मुनाफा कम हुआ : फोटोग्राफर आरके गांधी ने बताया कि फोटोग्राफर की लेबर पर भी जीएसटी लगने के कारण फोटोग्राफर का मुनाफा कम हुआ है। एलबम बनवाने के खर्च पर 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जीएसटी लगने के बाद से दुकानदार को टैक्स देना पड़ रहा है लेकिन शादी वाली पार्टी बिना बिल के भुगतान कर रही है। ऐसे में जीएसटी के बाद से फोटोग्राफर के कार्य पहले से कम हुआ है।
मार्जिन काफी कम हुआ : हलवाई सुभाष चंद ने बताया कि जीएसटी के बाद शादी के कार्यक्रम की बुकिंग का मार्जिन काफी कम हुआ है। जो बड़े हलवाई या कैटरिंग वाले हैं वह प्रतिशत के तौर पर कार्य करते हैं। लेकिन छोटे दुकानदार को लेबर से कार्य न करवाकर खुद ही कार्य करना पड़ता है तो उनका मुनाफा कम हुआ है।
शादी के भोज में मीनू से लेकर मेहमानों की संख्या तक में करनी पड़ रही है कमी
मैरिज पैलेसों में 40 प्रतिशत काम कम हुआ
महंगाई के चलते बिना बैंड के ही होने लगी हैं शादियां, मैरिज पैलेसों में भी खर्च बढ़ा
एलबम पर 12 प्रतिशत टैक्स बढ़ा, कैटरिंग में भी लागत बढ़ी
फोटो नंबर-10 से 14, 21 व 22