एडीजीपी ने किया जिला जेल का निरीक्षण, दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एडीजीपी जेल सुधीर चौधरी ने सोमवार को जिला जिला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल के जेल प्रशासक को सुधार के लिए निर्देश दिए। एडीजीपी की-परफॉर्मेंस इंडिकेटर योजना के तहत जानकारी लेने के लिए यहां पहुंचे थे। इस योजना के तहत जेलों में ग्रेडिंग सिस्टम शुरू किया जाएगा। जिस जेल का कैदियों, प्रशासन और अन्य गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन होगा उसके मुताबिक ग्रेड दिए जाएंगे ताकि जेल प्रशासन में स्वच्छ प्रतिस्पर्धा बनी रहे और सुधार कार्यों में तेजी आए।
जिला जेल अधीक्षक राजकुमार शर्मा ने एडीजीपी को पूरी जेल का निरीक्षण करवाया और किए गए सुधार कार्यों, कैदियों की संख्या, जेल में कैदियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिला कैदियों द्वारा तैयार किए गए हस्त निर्मित झूमर, झूले, सजावटी गमले डीजीपी को दिखाए, जिनकी काफी सराहना हुई।
एडीजीपी ने बताया कि जेल में बैठकर कोई कैदी मोबाइल पर बाहर बात न कर सके, इसके लिए जेलों में जैमर लगाए जा रहे हैं। पहले चरण में झज्जर, सोनीपत, गुड़गांव व अंबाला की जेल में जैमर लग गए हैं। पानीपत व रेवाड़ी में नई जेल बनाए जा रही है। कुछ जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी हैं। इसलिए बैरक बनाए जाएंगे। भविष्य को ध्यान में रखते हुए कैथल जेल में भी अतिरिक्त बैरक बनेंगे, हालांकि अभी यहां सिर्फ 461 कैदी हैं। जो जेल क्षमता के अनुसार ज्यादा नहीं हैं।
एडीजीपी बताया कि 18 जुलाई को नेलशन मंडेला के जन्मदिवस पर पंचकूला स्थित मोगीनंद में एक सेमिनार का आयोजन हो रहा है। जहां कैदियों द्वारा तैयार किए गए सामान की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। एडीजीपी जेल ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना के तहत हर सजा काट रहे कैदी का दो लाख रुपये का जीवन बीमा करवाया जाएगा। इसके लिए कैदी से कोई पैसा नहीं लेंगे। कैदियों के आधार कार्ड बनवाए जा रहे हैं।