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किसानों व आढ़तियों ने मार्केट कमेटी के खिलाफ की नारेबाजी

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कलायत। उपमंडल के खरीद केंद्रों बड़सीकरी, बालू व कैलरम में गेहूं की सरकारी खरीद अभी तक भी शुरू नहीं हो सकी है। सभी खरीद केंद्रों में गेहूं के अंबार लगे हैं तथा किसान खरीद के लिए सरकारी अधिकारियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शनिवार को किसानों के सब्र का बांध टूट पड़ा तथा किसानों ने जम कर सरकार व मार्केट कमेटी के खिलाफ नारेबाजी की। गांव बड़सीकरी के खरीद केंद्र में अपनी फसल बेचने को बैठे किसान उस समय आवेशित हो उठे जब उन्हें पता चला कि शनिवार को भी कोई खरीद एजेंसी गांव में खरीद नहीं कर रही। किसानों के साथ आढ़ती भी एक मंच पर आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसान पृथ्वी सिंह, प्रगट सिंह, संदीप, देवाराम, शेर सिंह, बलकार, बलदेव सिंह, रामेश्वर, सतपाल कौशिक, सुच्चा सिंह आदि का कहना था कि एक सप्ताह से वे लोग अपनी गेहूं की फसल को मंडी में लेकर पड़े हैं पर कोई खरीद एजेंसी उनकी फसल खरीद ही नहीं रही। मौसम खराब होने के कारण मंडी में पड़ी उनकी फसल भीग गई जिसे वे लोग सुखाने में लगे हैं। बार-बार मार्केट कमेटी सचिव से खरीद बारे वे लोग सूचना ले रहे हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। आढ़ती सपिंदर सिंह, मनजीत सिंह, सतपाल, ओंकार सिंह, विजय मित्तल, ललित शर्मा, जसवंत मांडी, संजय, जयप्रकाश, रामस्वरूप का कहना था कि उन लोगों ने बड़सीकरी खरीद केंद्र में अस्थाई दुकानें बना रखी हैं। उनके किसान अपनी फसल केंद्रों पर ला रहे हैं। वे लोग खरीद करवाने के लिए बार-बार मार्केट कमेटी के अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं पर खरीद कार्य शुरू नहीं हो पा रहा।
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मार्केट कमेटी के नोडल अधिकारी एसडीएम अनिल नागर ने बताया कि खरीद कार्य शुरू होने में विलंब के पीछे कुछ तकनीकी कारण रहे हैं। पहले खरीद केंद्रों में गेहूं की खरीद के लिए एफसीआई को अधिकृत किया गया था बाद में खरीद कार्य हैफेड को सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि वे लगातार संपर्क में हैं और शीघ्र ही कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
डीएम वीपी मलिक का कहना था कि हैफेड ने मंडी से गेहूं की खरीद के लिए अपनी पूरी तैयारी कर रखी थी। तीनों केंद्रों की खरीद का कार्य भी हैफेड को सौंप दिए जाने से समस्या पैदा हो गई। हैफेड के पास इन केंद्रों से गेहूं की खरीद के लिए न तो मैनपावर थी और न ही बारदाना। लगभग 60 हजार टन गेहूं की अधिक खरीद करने के लिए आधारभूत ढांचा उपलब्ध करवाने के लिए खरीद कार्य शुरू होने में देरी हुई है।
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