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आढ़ती हड़ताल पर, धान-सरसों बेचने आए किसान परेशान

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कैथल। गेहूं की खरीद सिस्टम में किए जा रहे बदलाव सहित विभिन्न नीतियों के विरोध में बुधवार को जिलेभर की सभी मंडियों में आढ़ती हड़ताल पर रहे। हालांकि इस समय गेहूं की आवक शुरू नहीं हुई है। अगले दो-तीन दिनों में गेहूं की आवक शुरू होने का अनुमान है। आढ़तियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण अभी तक धान व सरसों बेच रहे किसानों को परेशानी हो रही है। वहीं यदि हड़ताल लंबी चली तो गेहूं बेचने के लिए आने वाले किसानों भी परेशानी हो सकती है।
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यह है खरीद का सिस्टम : अभी तक मंडी में खरीद के सिस्टम के लिए आढ़ती एसोसिएशन की अहम भूमिका रहती है। दिन में जितनी भी खरीद होती है। सभी आढ़ती एसोसिएशन को इसकी सूचना देते हैं। इसके बाद एसोसिएशन को ही खरीद एजेंसी भुगतान करती है। एसोसिएशन आगे आढ़तियों को फसल की मात्रा अनुसार आढ़तियों को भुगतान दे देती है। नए निर्देशों में सरकार के आदेश हैं कि भुगतान सीधा एसोसिएशन की बजाए आढ़ती को जाएगा। जिसमें आढ़ती को किसानों का पूरा ब्यौरा सभी आवश्यक फार्मों के साथ देना होगा। इसी बात का आढ़ती विरोध कर रहे हैं।
आढ़तियों ने बैठक करके जताया विरोध, आज बुलाई है कार्यकारिणी की बैठक : द फूड ग्रेन एसोसिएशन की एक बैठक इसी विषय को लेकर प्रधान शमशेर मित्तल की दुकान पर बैठक हुई। जिसमें आढ़तियों ने सरकार के नए निर्देशों का विरोध किया और इस बारे में रोष जताया। बैठक में फैसला लिया गया कि वीरवार को फूड ग्रेन एसोसिएशन की जनरल हाउस की बैठक श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में बुलाई जाएगी। जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। बैठक में अश्वनी शोरेवाला, पवन मित्तल, रामनिवास मित्तल, मोहन लाल खुरानिया, सुरेश चौधरी, विक्रम मित्तल, धर्मपाल कठवाड़, सुनील बंसल, देशराज, पवन गर्ग सहित भारी संख्या में आढ़ती मौजूद थे।
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गेहूं की नहीं हो रही अभी आवक : बुधवार को जिलेभर की सभी मंडियों में हड़ताल रही। जिस कारण कामकाज पर तो कोई असर नहीं हुआ। लेकिन यदि गेहूं की आवक हुई तो किसानों को परेशानी हो सकती है। दूसरा सरसों व धान जो इस समय मंडियों में बिक रही है, उसके न बिकने से भी किसानों को परेशानी होगी। हालांकि जिले में केवल कलायत व राजौंद में ही सरसों की खरीद के लिए मंडियां अलॉट की गई हैं।
सरकार ने आढ़तियों की काफी हद तक मांगें मान ली हैं। केवल भुगतान को लेकर सीधा आढ़तियों को राशि देने की बात की गई है। इसके अलावा बारदाने व अन्य कार्यों के लिए पुरानी व्यवस्था के तहत एसोसिएशन काम करती रहेगी। जिसके लिए 15 पैसे प्रति बैग भी दिया जाएगा। जबकि आढ़ती बिलिंग भी आढ़ती एसोसिएशन के माध्यम से ही करना चाहते हैं।
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- वरिंद्र सिंह, डीएफएससी, कैथल।
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