‘गेहूं के समर्थन मूल्य में 105 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी किसानों के साथ मजाक’
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अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। गांव फरल में भारतीय किसान संघ की बैठक सोमवार को राजपूत चौपाल में हुई। जिसकी अध्यक्षता प्रदेश प्रवक्ता रणदीप आर्य ने की। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा घोषित गेहूं के समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने पर रोष जताया गया।
आर्य ने कहा कि सरकार किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य देने का दावा करती है, जबकि गेहूं के समर्थन मूल्य 105 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी किसानों के साथ मजाक है। हर वर्ष कृषि कार्य में उपयोगी वस्तुओं के दामों में कई गुणा वृद्धि कर दी जाती है और फसलों में मामूली बढ़ोत्तरी कर किसान हितैषी होने का दावा किया जाता है। सरकार किसानों को लागत के आधार पर कम से कम 2600 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य दे। दिल्ली सरकार किसानों को 2616 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य देने की बात कर रही है। केंद्र सरकार अगर गेहूं के समर्थन मूल्य में और अधिक बढ़ोत्तरी नहीं करती है तो प्रदेश सरकार बोनस के रूप में किसानों को समर्थन मूल्य बढ़ाकर दे। आर्य ने कहा कि देश में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है, ऐसे में सरकार किसानों को लाभकारी मूल्य नहीं देती है तो किसान भी सरकार के खिलाफ बड़ा फैसला लेने पर मजबूर होंगे। इस मौके पर पालाराम शर्मा, सुभाष राणा, सतपाल, सुखबीर सिंह, उत्तम राणा, डॉ. जयपाल, भूषण राणा व केशव राम भी मौजूद रहे।