शहर में पेयजल व्यवस्था के लिए 34.35 करोड़ रुपये की मंजूरी
अमर उजाला एक्सक्लूसिव
शहर के चारों ओर स्थित आउटर कालोनियों में लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
सरकार द्वारा नई स्वीकृत की गई कालोनियों में बिछाई जाएगी पाइपलाइन, बूस्टर भी बनेंगे
गर्मियों तक काफी हिस्सों में मिल जाएगी राहत
लंबे समय से थी शहर के आउटर इलाकों में पेयजल पाइपलाइन की डिमांड
दिल्ली की फर्म के नाम छूटा टेंडर
फोटो संख्या-19 व 20
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर में नई नियमित हुई कालोनियों में लोगों को पेयजल संबंधी परेशानी नहीं होगी। सरकार ने इन कॉलोनियों में 34.35 करोड़ रुपये की राशि पेयजल की सुविधा के लिए मंजूर की है। जिसमें पाइपलाइन बिछाए जाने सहित बूस्टिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। शहर के आउटर इलाकों में लोग पेयजल संकट से परेशान हैं। उन्हें इस परियोजना से बड़ी राहत मिलेगी। इसके लिए टेंडर दिल्ली की फर्म के नाम छूटा है।
शहर में अवैध कालोनियों में पेयजल समस्या के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। विशेष रूप से ढांड रोड, करनाल रोड, अंबाला रोड सहित प्यौदा रोड, चंदाना गेट के बाहर का इलाके में पेयजल के कारण लोग काफी परेशान थे। इस बार गर्मियों में लोगों ने खूब धरने-प्रदर्शन भी किए थे। जिसमें हर बार उन्हें आश्वासन मिलता रहा। लेकिन कई कॉलोनियों में तो सर्दियों में भी पेयजल संकट बना हुआ है।
एक साल में होगा काम : नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार विस्तृत योजना बनाते हुए पूरे क्षेत्र में पानी की समस्या खत्म की जाएगी। इसके लिए नई पाइपलाइन डाले जाने के साथ-साथ यहां पर बूस्टिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। पहले चरण में 34 करोड़ रुपये का टेंडर छोड़ दिया गया है। जिसके माध्यम से ढांड रोड, भगत सिंह कालोनी, डिफेंस कालोनी, प्यौदा रोड सारा, मायापुरी कालोनी सहित कुतुबपुर रोड, बाला जी नगर, हरी नगर सहित कई कालोनियों में पाइपलाइन डाली जाएगी। इनमें से कई कालोनी ऐसी हैं, जहां पेयजल, सड़कों व अन्य मूलभूत सुविधाओं का भारी टोटा रहा है। वार्ड नंबर 11, 12, 13, 19 व 20 में ऐसी अधिकतर कालोनियां हैं, जिनमें सरकार ने नई कालोनी स्वीकृत की हैं।
पार्षद काला सांघन ने कहा कि उनके वार्ड में प्यौदा रोड बाईपास की 10 गलियों में पानी की व्यवस्था नहीं है। आउटर एरिया में पूरी की पूरी कालोनी में पानी की व्यवस्था नहीं है। डेरा सच्चा सौदा के पीछे के इलाके में पानी की व्यवस्था नहीं है। कुप्पियां बस्ती में भी पेयजल संकट है। वाल्मीकि बस्ती में पाइपलाइन नहीं हैं। यदि इन कालोनियों पाइपलाइन डलती है तो लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
नगर परिषद के एमई राजकुमार ने बताया कि दिल्ली की फर्म का अगले एक साल में यह काम पूरा करने के लिए टेंडर छोड़ा गया है। अभी वर्क ऑर्डर जारी करने की प्रक्रिया जारी है। उम्मीद शीघ्र ही यहां पर काम शुरू हो जाएगा। जिससे इन सभी कालोनियों में पानी का संकट खत्म होगा और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
नगर परिषद चेयरपर्सन सीमा कश्यप ने कहा कि कहा कि कई वार्डों में अवैध कॉलोनी होने के कारण काम नहीं करवाया जा पा रहा था। सरकार ने कॉलोनियों को नियमित करके राहत दी थी। अब इन कालोनियों में पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाएगी। जिससे लोगों को राहत मिलेगी।