खुद ही मीटिंग बुलाई, खुद ही नहीं आए झिंडा
सवाल उठाने पर भड़के सचिव, एचएसजीएमसी की मीटिंग में जोरदार हंगामा
दीवार सिंह नलवी की अगुवाई में आधे से अधिक सदस्यों ने किया मीटिंग से किनारा
फोटो संख्या-44
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मेनेजमेंट कमेटी की शनिवार को बुलाई प्रदेश कार्यकारिणी की मीटिंग में अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा नहीं आए। सदस्यों द्वारा यह सवाल उठाने पर कमेटी के सचिव जोगा सिंह भडक़ गए और बोलने लगे कि निजी कारणों से अनेकों बार किसी ना किसी सदस्य को मीटिंग से गैर हाजिर रहना पड़ा है।
इसको लेकर राजनीति करना ठीक नहीं है। जोगा सिंह के इतना कहते ही कैथल के वरिष्ठ वकील एवं हरियाणा गुरुद्वारा कमेटी के वरिष्ठ सदस्य सरजीत सिंह ने कहा कि यह लगातार तीसरा मौका है कि प्रधान जी खुद मीटिंग बुलाते हैं और खुद ही मीटिंग से अनुपस्थित रह जाते हैं। बैठक में तीन साल के हिसाब किताब व सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा कमेटी की और से खड़े किए वकील का नाम स्पष्ट करने को लेकर खूब बहस चली। एडवोकेट सरजीत सिंह व सचिव जोगा सिंह में कुछ देर तक सीधी तकरार चलती रही। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीदार सिंह नलवी व बलदेव सिंह बल्ली सहित कई सदस्य एडवोकेट सरजीत सिंह के पक्ष में बोलने लगे। अवतार सिंह चक्कु जैसे सदस्य जोगा सिंह के हक में उतर आए। भारी हंगामे के बीच दीदार सिंह नलवी की अगुवाई में जसवीर सिह, जसवंत सिंह, गुरचरण सिंह, चन्नजीत सिंह, मोहनजीत सिंह, काला सिंह, करनैल सिंह निमनाबाद, बलदेव सिंह बल्ली सहित तकरीबन एक दर्जन सदस्य मीटिंग छोडक़र बाहर आ गए।
बहुत अहम मसले बाकी हैं -नलवी
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए वरिष्ठ उपप्रधान दीदार सिंह नलवी ने कहा कि हरियाणा कमेटी अभी तक अपना बजट पास नहीं कर सकी क्योंकि प्रधान जगदीश झिंडा बजट के लिए बुलाई मीटिंग में ही नहीं आए। नलवी ने कहा कि हरियाणा कमेटी के केस की 13 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है पर सदस्यों को अभी तक यह भी नहीं पता कि हमारा केस कौन वकील लड़ रहा है। नलवी ने कहा कि लाखों रुपये फीस जा चुकी है लेकिन प्रधान सदस्यों को हिसाब किताब देने से बच रहे हैं।
वहीं प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि दीदार सिंह नलवी खुद कई बैठकों में नहीं आते। तीन-तीन, चार-चार मीटिंगों में नहीं आता। वे खुद को सीनियर वाइस प्रेजीडेंट कहते हैं, यह हास्यास्पद है कि उन्हें वकील का नाम नहीं पता। वे कहीं भी बैठकों में नहीं आते। वे खुद प्रकाश सिंह बादल के तोते बने हुए हैं। उनकी जमीन यूपी में है और घर मोहाली में बना लिया है। हरियाणा से उन्हें कोई लेना-देना नहीं हैं। वे कमेटी को तोडने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट में वे पैरवी को कमजोर करने के प्रयास में हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर काम था। इसी कारण वे बैठक मेें नहीं पहुंच पाए। हर माह को कार्यकारिणी बैठक होगी। 13 अगस्त की पेशी है। जिसमें मजबूती से पैरवी की जा रही है। मीटिंग मैंने नहीं बुलाई, यह कमेटी के फैसले पर सचिव ने बुलाई थी।