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रात को घर व दुकान में घुसकर 30-40 बदमाशों ने मचाया आतंक

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घर और दुकान में घुसकर 30-40 बदमाशों ने मचाया आतंक
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। ऋषि नगर में मंगलवार रात्रि करीब 30 से 40 युवकों ने एक टेंट हाउस के मालिक के घर व कार्यालय पर हमला कर जमकर तोड़फोड़ की। घर में महिलाओं सहित मालिक के एक सहायक को चोटें आई हैं। वहीं कार्यालय पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया गया। जिससे कालोनी में दहशत फैल गई। पुलिस करीब पौने घंटे बाद मौके पर पहुंची तो भी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की। कालोनी के लोगों को बुधवार सुबह एसपी से मिलना पड़ा। तब जाकर सिविल लाइन पुलिस ने दोपहर बाद मामले में केस दर्ज किया। एसपी ने कहा कि केस दर्ज करने में हुई देरी की जांच की जाएगी।
टेंट हाउस के मालिक दीपू ने बताया कि उनके परिवार में दो परिवारों के बच्चों के बीच झगड़ा हुआ था। जिसे उन्होंने किसी तरह कहासुनी के बाद शांत करवा दिया था। वह मंगलवार रात्रि अपने घर पर खाना खा रहा था कि उन्हीं के एक परिवार के युवकों ने 30 से 40 युवकों को बुलाया। जो एक बोलेरो, एक खुली जीप, 10 से 15 बुलेट और बाइक पर सवार होकर आए। इन लोगों ने आते ही लाठी, गंड़ासी व पत्थरों और ईंटों से हमला कर दिया। जिसमें उसकी मां के छाती में चोट लगी तो उसके पैर में। उसके भाई को भी चोट आई। साथ ही उनके एक सहायक को चोटें आईं। हमलावर इतनी ज्यादा संख्या में थे कि कालोनी में दहशत के मारे लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। युवकों ने घर के बाहर फायरिंग भी की। उनके घर की महिलाओं के गले से सोने की चेन सहित आभूषण भी लापता मिले। इसके बाद युवक सरेआम धमकी दी कि जिसमें दम है, सामने आए। इसके बाद वे भाग गए। उन्हें इसके बाद ही पता चला कि वे घर के निकट ही स्थित उनके टेंट हाउस के कार्यालय को भी तहस-नहस कर गए। जहां 70 हजार रुपये की नकदी भी रखी थी, वह भी लापता है। पूरे कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की गई है। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। लेकिन पुलिस करीब एक घंटे बाद मौके पर आई। उन्हें पुलिस थाने में बुलाया।
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रात्रि करीब 11 बजे कालोनी से भारी संख्या में लोग एकत्रित होकर पुलिस थाने में शिकायत देकर आए। इसके बाद सुबह भी वे पुलिस थाने में गए। लेकिन दोपहर तक पुलिस कर्मियों ने केस दर्ज नहीं किया। केवल मौके से गंड़ासी, डंडे व ईंट पत्थरों की सुबह आकर फोटो जरूर कर ली। साथ ही एक युवक को पूछताछ के लिए बुलाया। जिस कारण मजबूरन उन्हें पुलिस अधीक्षक से मिलना पड़ा। एसपी के निर्देश के बाद पुलिस ने बाद दोपहर केस दर्ज किया।
27 बार किया एक युवक ने 100 नंबर पर कॉल, एक बार भी नहीं उठा : रात्रि 10 बजे के बाद शायद हमारे जिले का 100 नंबर भी सो जाता है। यही कारण है कि इस हमले के बाद एक युवक ने मोबाइल की स्क्रीन दिखाते हुए कहा कि उसने 100 नंबर पर 27 बार फोन किया। मतलब के एक बार कॉल करने पर पूरा 1 मिनट के करीब घंटी बजती है। तो युवक द्वारा 27 मिनट तक फोन किए जाने के बावजूद किसी ने फोन नहीं उठाया।

पूरी तैयारी से आए थे हमलावर : कालोनी में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस तरह से गोली चलने जैसी आवाजें आ रही थीं, गाड़ियों में से पथराव हो रहा था, युवक हाथों में हथियार लहरा रहे थे, उससे लगता है कि हमलावर पूरी तैयारी में आए थे। किसी भी रिहायशी बस्ती में इस तरह का हमला स्वीकार्य नहीं है। कालोनी के लोगों में दहशत बनी हुई है।

सिविल लाइन पुलिस थाने की पूरी कार्यप्रणाली में झोल : शहर के बीचों-बीच स्थित रिहायशी कालोनी में एक घर में घुसकर महिलाओं पर हमला, कार्यालय में तोड़फोड़ जैसी वारदात के करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मचारियों ने लोगों को पुलिस थाने बुला लिया। जहां लोगों की शिकायत लिखने में कोई मदद तक नहीं की गई। जैसे-तैसे लोगों ने शिकायत लिखकर करीब 11 बजे कर्मचारियों को दी। सुबह तक उम्मीद थी कि केस दर्ज हो जाएगा, पुलिस हमलावरों की धरपकड़ करेगी। लेकिन सुबह फिर पुलिस कर्मचारियों ने पीड़ित पक्ष को ही थाने बुलाया। इसके बावजूद वहां कोई सुनवाई नहीं हुई तो परेशान होकर कालोनी के लोग दोपहर को एसपी आस्था मोदी से लघु सचिवालय में जाकर मिले। जहां एसपी ने तुरंत केस दर्ज करने के आदेश दिए। अब सवाल उठता है कि रात को मौके पर पहुंचने, लोगों को पुलिस थाने में बुलाने, सुबह फिर लोगों को पुलिस थाने में बुलाने के बावजूद पुलिस ने इतने बड़े हमले के बावजूद केस दर्ज क्यों नहीं किया? पूरे मामले में यह भी सोचने का विषय है कि शहर में बड़ी वारदात हो जाती है। ना तो एसएचओ स्तर के अधिकारी ने मौके पर पहुंच जायजा लेना उचित समझा और ना ही लोगों से मिलकर उनकी पीड़ा जाननी उचित समझी।

एसएचओ का कार्यभार संभाल रहे एसआई रामकुमार ने कहा कि रात को ही केस दर्ज होना चाहिए था। जिस कर्मचारी की ड्यूटी लगाई थी, उससे पूछा गया है। दोपहर बाद केस दर्ज हो गया है। पुलिस ने युवक अमन, हिमांशू, संदीप, रोहित, धीरू, लव व संजू सहित 20-22 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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एसपी आस्था मोदी ने कहा कि इस बात की जांच करवाई जाएगी कि केस दर्ज करने में देरी क्यों हुई? 100 नंबर पर कॉल रिसीव क्यों नहीं हुई। यह बच्चों के झगड़े का मामला बताया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।


दुकान में तोड़फोड़, घर में महिलाओं को भी चोटें मारीं
रात को कालोनी के लोग पहुंचे पुलिस थाने, पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत
पुलिस की ढीली कार्रवाई, ना केस दर्ज किया, ना आरोपियों से की पूछताछ
रात को 10 बजे के बाद सो जाता है शायद जिले का 100 नंबर...
27 बार एक युवक ने फोन किया, घंटी बजती रही, नहीं उठाया गया फोन
कालोनी के लोगों में दहशत, एसपी से मिले लोग, एसपी ने दिए कार्रवाई के आदेश
फोटो संख्या-1 से 6, 9
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