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बिना मीटर रीडिंग लिए बने बिजली बिल ग्रामीण भडक़े, नारेबाजी की

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बिना मीटर रीडिंग लिए बने बिजली बिल ग्रामीण भड़के, नारेबाजी की
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अमर उजाला ब्यूरो
ढांड। गांव कौल में जब बिजली निगम के बिल वितरित करने कर्मचारी पहुंचे तो बिल लेने वालों लोगों की भीड़ तो उमड़ पड़ी, लेकिन जब एक-एक कर सभी ने बिजली बिल चेक किया तो पैसे देख लोगों के होश उड़ने लगे। ज्यादातर लोगों के दो महीने का बिजली बिल 10-15 हजार के बीच आया हुआ है। जिसे देख लोग भड़क उठे और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन नारेबाजी कर अपना रोष प्रकट किया।
लोगों ने भाकियू के ब्लाक प्रधान पीरथी सिंह व ग्रामीण प्रधान कृष्ण कुमार के नेतृत्व में महिला मंडल कौल स्थित चौक पर बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। और बिजली के बिल न भरने का एलान भी किया।
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कृष्ण कुमार, धर्मपाल फौजी, राजबीर सिंह, प्रवीन कुमार, दलेल सिंह, मनसा, रविंद्र ने बताया कि वे हर माह अपना बिजली का बिल समय पर भुगतान कर रहे हैं, लेकिन विभाग ने मीटर रीडिंग की जांच किए बिना ही बिल बनाकर लोग को वितरित कर दिए, जो गलत है। विभाग का यह रवैया सरकार की योजनाओं को बदनाम करने पर तुला हुआ है। जिसको लोग किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे। जब तक बिल
ठीक नहीं होगे, तब तक वे इस बिल की अदायगी नहीं करेंगे। फिर भी विभाग का यही रवैया रहा तो ग्रामीण अपने-अपने मीटर उतार कर फेंकने पर मजबूर होगे। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही उनके बिजली के बिल ठीक नहीं किए गए तो वे कठोर कदम उठाने को बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेवारी विभाग के अधिकारियों की होगी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली का बिल घर-घर पहुंचाने की जिम्मेदारी विभाग की बनती है। लेकिन बिल बांटने वाले घरों में बिल न पहुंचाकर एक जगह बैठकर बिल बांटने की प्रक्रिया पूरी करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बुजुर्गों को काफी देर तक का सफर तय करके बिल लेने के लिए आना पड़ता है। जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले तो फौजी घर-घर जाकर बिल बांटते थे। लेकिन इस महीन से सरकार ने उनके लिए नई आफत खड़ी कर दी है।
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ढांड विद्युत निगम के एसडीओ सेवा दास कम्बोज से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि आडिट टीम ने पिछले दो वर्ष का रिकार्ड चेक किया जिस उपभोक्ता का न्यूनतम से भी कम औसत पाई गई उन उपभोक्ताओं पर इस प्रकार का चार्ज डाला गया है।

फोटो नंबर- 12
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